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Rishikesh News: सहायक नर्स और एएनएम को दिया जाएगा प्रशिक्षण
Mon, 06 Jul 2026 08:48 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 06 Jul 2026 08:48 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जौलीग्रांट। प्रदेश में मातृ और नवजात मृत्यु दर में कमी लाने और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एचआईएचटी ने एसबीआई फाउंडेशन और राज्य स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एसबीआईएफ जीवनम् परियोजना का शुभारंभ किया। जिसमें प्रदेश की सहायक नर्स और मिडवाइफ (एएनएम) को सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अध्यक्षीय समिति के सदस्य डॉ. विजय धस्माना और एसबीआई के उप-महाप्रबंधक राजीव रंजन के साथ परियोजना की प्रशिक्षण पुस्तिका का लोकार्पण कर परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एएनएम ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला हैं। उनकी दक्षता और व्यावहारिक कौशल में वृद्धि से मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार संभव है। यह परियोजना राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेगी। राज्य स्वास्थ्य विभाग इसमें पूर्ण सहयोग करेगा।
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एसबीआई के उप महाप्रबंधक राजीव रंजन और एसबीआई फाउंडेशन की सहायक प्रबंधक ईशा अग्रवाल ने परियोजना सहायता राशि का चेक डॉ. धस्माना को सौंपा। ग्रामीण विकास संस्थान (आरडीआई) के उप निदेशक डॉ. राजीव बिजल्वाण ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड में कार्यरत दो हजार से अधिक एएनएम को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रशिक्षण में सिमुलेशन आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से सुरक्षित प्रसव, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान, नवजात पुनर्जीवन प्रसवोत्तर देखभाल, आपातकालीन मातृ एवं नवजात प्रबंधन तथा समय पर रेफरल जैसी महत्वपूर्ण दक्षताओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ. गरिमा कपूर, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, प्रति-कुलपति डॉ. अशोक देवराड़ी उपस्थित रहे।
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इसलिए जरूरी है परियोजना
राज्य में नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 19 से घटकर 15 और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 24 से घटकर 21 हो गई है। लेकिन मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) अभी भी लगभग 100 प्रति एक लाख जीवित जन्म है।
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जौलीग्रांट। प्रदेश में मातृ और नवजात मृत्यु दर में कमी लाने और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एचआईएचटी ने एसबीआई फाउंडेशन और राज्य स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एसबीआईएफ जीवनम् परियोजना का शुभारंभ किया। जिसमें प्रदेश की सहायक नर्स और मिडवाइफ (एएनएम) को सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अध्यक्षीय समिति के सदस्य डॉ. विजय धस्माना और एसबीआई के उप-महाप्रबंधक राजीव रंजन के साथ परियोजना की प्रशिक्षण पुस्तिका का लोकार्पण कर परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया।
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स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एएनएम ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला हैं। उनकी दक्षता और व्यावहारिक कौशल में वृद्धि से मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार संभव है। यह परियोजना राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेगी। राज्य स्वास्थ्य विभाग इसमें पूर्ण सहयोग करेगा।
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एसबीआई के उप महाप्रबंधक राजीव रंजन और एसबीआई फाउंडेशन की सहायक प्रबंधक ईशा अग्रवाल ने परियोजना सहायता राशि का चेक डॉ. धस्माना को सौंपा। ग्रामीण विकास संस्थान (आरडीआई) के उप निदेशक डॉ. राजीव बिजल्वाण ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड में कार्यरत दो हजार से अधिक एएनएम को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रशिक्षण में सिमुलेशन आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से सुरक्षित प्रसव, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान, नवजात पुनर्जीवन प्रसवोत्तर देखभाल, आपातकालीन मातृ एवं नवजात प्रबंधन तथा समय पर रेफरल जैसी महत्वपूर्ण दक्षताओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ. गरिमा कपूर, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, प्रति-कुलपति डॉ. अशोक देवराड़ी उपस्थित रहे।
इसलिए जरूरी है परियोजना
राज्य में नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 19 से घटकर 15 और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 24 से घटकर 21 हो गई है। लेकिन मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) अभी भी लगभग 100 प्रति एक लाख जीवित जन्म है।