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Rishikesh News: एयरपोर्ट फ्लाइंग जोन में ट्रंचिंग ग्राउंड शिफ्ट होना संभव नहीं

Fri, 22 Sep 2023 11:59 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2023 11:59 PM IST
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The garbage was shifted from the trenching ground

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एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर के दायरे में होता है फ्लाइंग जोन

लालपानी बीट से पांच किलोमीटर अंदर ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की हो रही मांग



शहर के बीच में गोविंदनगर स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़े को गुमानीवाला के लालपानी बीट स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में शिफ्ट करने के विरोध में दो दिन खूब हंगामा हुआ। स्थानीय लोग ट्रंचिंग ग्राउंड को लालपानी बीट से पांच किलोमीटर बनाने की मांग कर रहे हैं। गुमानीवाला निवासियों ने इस बाबत नगर आयुक्त को ज्ञापन भी दिया है। लेकिन उक्त क्षेत्र एयरपोर्ट फ्लाइंग जोन में है जिससे यहां ट्रंचिंग ग्राउंड शिफ्ट होना संभव नहीं है।



नियमानुसार किसी भी एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर के दायरे को फ्लाइंग जोन कहा जाता है। विमानों के लैंडिंग और टेक ऑफ जाेन में कूड़ाघर नहीं बनाया जा सकता। इस क्षेत्र में ट्रंचिंग ग्राउंड (कूड़ाघर) बनाने से विमानों के बर्ड हिट का खतरा रहता है। लोग गुमानीवाला के लालपानी बीट से पांच किलोमीटर अंदर जंगल में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की मांग कर रहे हैं।
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यह क्षेत्र देहरादून वन प्रभाग के बड़कोट रेंज में सात मोड़ के पास जंगल के पास पड़ेगा। यह क्षेत्र देहरादून (जौलीग्रांट) एयरपोर्ट में आता है। वर्तमान में गोविंदनगर में ट्रंचिंग ग्राउंड कूड़े में से कुत्ते मांस ढूंढते रहते हैं। काफी ऊंचाई तक चील घूमते रहते हैं। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट नगर पालिका डोईवाला की ओर से सौंग नदी के किनारे केशवपुरी बस्ती में बनाए गए कूड़ा डंपिंग जोन को खतरनाक मान चुका है। ऐसे में लालपानी बीट से ट्रंचिंग ग्राउंड काे पांच किलोमीटर अंदर शिफ्ट करने की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। संवाद
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- एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर के दायरे में किसी प्रकार का ट्रंचिंग ग्राउंड, डंपिंग ग्राउंड नहीं बनाया जा सकता।



गुमानीवाला लालपानी बीट से पांच किलोमीटर जंगल की तरफ फ्लाइंग जोन में आता है। फ्लाइंग जोन में ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण न हो इसके लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। बैठक में भी यह मुद्दा रखा जाएगा। - प्रभाकर मिश्रा, निदेशक, जौलीग्रांट एयरपोर्ट
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