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पुस्तकों के प्रति अनुराग का भाव जगाएगी प्रदर्शनी : प्रो. मुक्तिनाथ
Fri, 07 Mar 2025 01:11 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 07 Mar 2025 01:11 AM IST
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श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर स्थित विवेकानंद सभागार में हिंदी विभाग एवं नवोन्मेष की संयुक्त पहल पर पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में पाब्लो नेरुदा, बर्टोल्ट ब्रेख्त, शशि प्रकाश, पॉल रॉबसन, राजेश सकलानी, मुक्तिबोध आदि की प्रसिद्ध कविताओं पर आधारित पोस्टर कविता प्रदर्शनी लगाई गई।
पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ परिसर के निदेशक प्रो. एमएस रावत ने किया। हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मुक्तिनाथ यादव ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया की चकाचौंध के बीच पुस्तकें अपनी चमक खोती जा रही हैं। यह प्रदर्शनी छात्र-छात्राओं के बीच पुस्तकों के प्रति अनुराग का भाव जगाने में सक्षम होगी।
कला संकाय के अध्यक्ष प्रो. दिनेश चंद्र गोस्वामी ने बताया कि कैंपस बनने के बाद यहां पहली बार पुस्तक प्रदर्शनी आयोजित की गई है। इस कार्य के लिए उन्होंने हिंदी विभाग की सराहना किया। हिंदी विभाग के प्रो. अधीर कुमार ने कहा कि केवल अपनी बात कहना ही साहित्य नहीं है, साहित्य का मतलब सबको साथ लेकर चलना है।
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हिंदी के कथाकार नवीन कुमार नैथानी ने कहा जो साहित्य लिखना चाहते हैं उनके लिए पढ़ना बहुत जरूरी है, किताबों का कोई विकल्प नहीं होता। राजकीय महाविद्यालय डोईवाला के प्रो. संजीव नेगी ने अपना साहित्यिक अनुभव छात्रों से साझा किया।
संस्था की संयोजिका कविता कृष्णपल्लवी ने नवयुवकों में घट रही साहित्य प्रेम की चेतना को बढ़ाने के लिए साहित्य की ओर कदम बढ़ाने की आवश्यकता को व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर संपन्न युवा कहानी लेखन प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया, जिसमें ए ग्रुप में विवेक लोधी, तनुज प्रताप सिंह, भारत भूषण पुरोहित को सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा, प्रो. हेमलता मिश्रा, प्रो. प्रशांत कुमार सिंह, डाॅ. पूनम पाठक, डाॅ. संगीता मिश्रा, डाॅ. प्रमोद कुकरेती, डाॅ. विजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ परिसर के निदेशक प्रो. एमएस रावत ने किया। हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मुक्तिनाथ यादव ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया की चकाचौंध के बीच पुस्तकें अपनी चमक खोती जा रही हैं। यह प्रदर्शनी छात्र-छात्राओं के बीच पुस्तकों के प्रति अनुराग का भाव जगाने में सक्षम होगी।
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कला संकाय के अध्यक्ष प्रो. दिनेश चंद्र गोस्वामी ने बताया कि कैंपस बनने के बाद यहां पहली बार पुस्तक प्रदर्शनी आयोजित की गई है। इस कार्य के लिए उन्होंने हिंदी विभाग की सराहना किया। हिंदी विभाग के प्रो. अधीर कुमार ने कहा कि केवल अपनी बात कहना ही साहित्य नहीं है, साहित्य का मतलब सबको साथ लेकर चलना है।
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हिंदी के कथाकार नवीन कुमार नैथानी ने कहा जो साहित्य लिखना चाहते हैं उनके लिए पढ़ना बहुत जरूरी है, किताबों का कोई विकल्प नहीं होता। राजकीय महाविद्यालय डोईवाला के प्रो. संजीव नेगी ने अपना साहित्यिक अनुभव छात्रों से साझा किया।
संस्था की संयोजिका कविता कृष्णपल्लवी ने नवयुवकों में घट रही साहित्य प्रेम की चेतना को बढ़ाने के लिए साहित्य की ओर कदम बढ़ाने की आवश्यकता को व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर संपन्न युवा कहानी लेखन प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया, जिसमें ए ग्रुप में विवेक लोधी, तनुज प्रताप सिंह, भारत भूषण पुरोहित को सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा, प्रो. हेमलता मिश्रा, प्रो. प्रशांत कुमार सिंह, डाॅ. पूनम पाठक, डाॅ. संगीता मिश्रा, डाॅ. प्रमोद कुकरेती, डाॅ. विजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।