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Rishikesh News: मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से पेड़ों का कटान फिलहाल रुका
Sun, 19 Jul 2026 07:41 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 19 Jul 2026 07:41 PM IST
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एनएचएआई अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश/ जौलीग्रांट। भानियावाला-ऋषिकेश फोर लेन परियोजना के लिए रविवार को पेड़ों का कटान नहीं हुआ, जिससे पर्यावरण प्रेमियों ने राहत की सांस ली। वन विकास निगम कर्मियों की ओर से काटे गए पेड़ों का ढुलान किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप के बाद भानियावाला-ऋषिकेश फोर लेने परियोजना के लिए मार्ग किनारे करीब तीन हजार पेड़ों का काटने का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है। बीते करीब 10-12 दिनों में इलेक्ट्रिक आरियों से 775 पेड़ों को काटकर गिराया गया है।
इसमें काटे गए करीब आधे पेड़ों का उठान कर दिया गया है। जबकि आधे कटे हुए पेड़ वहीं पड़े हुए हैं। जिन्हें वन विकास निगम की ओर से उठाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद पर्यावरण प्रेमी काफी खुश हैं लेकिन दबी जुबान से वनकर्मी और स्थानीय लोग मान रहे हैं कि यह सिर्फ कुछ दिनों के लिए है। इसके बाद फिर से पेड़ कटान का काम शुरू किया जाएगा।
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वहीं पर्यावरण प्रेमियों और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस परियोजना की पुनर्समीक्षा कर सभी दल के स्थानीय नेताओं, पर्यावरणविदों, लोगों से बातचीत कर हाईवे चौड़ीकरण का रास्ता निकाला जाना चाहिए।
टिहरी विस्थापित अठूरवाला निवासी गजेंद्र रावत ने कहा कि एनएचएआई के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट पर ठीक से काम ही नहीं किया है। पहले भानियावाला से लेकर जौलीग्रांट तक करीब 2.2 एलिवेटेड मार्ग बनाया जाना था। स्थानीय जनता के विरोध के बाद इसे रद्द कर दिया गया।
कहा कि भानियावाला में साल जंगल का एक बड़ा खाला हर साल कहर बरपाता है। हाईवे अधिकारी कई बार मौके पर आए लेकिन खाले का इलाज ढूंढे बगैर ही हाईवे चौड़ीकरण का काम शुरू किया जा रहा है।
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कोट-
- रविवार को कोई पेड़ नहीं काटा गया है। वन विकास निगम के अधिकारियों ने सिर्फ ढुलान कार्य किया है। काटे गए आधे पेड़ उठाए जा चुके हैं। बाकी कटे हुए पेड़ों को भी उठाया जा रहा है। - गणेश उनियाल, रेंजर बड़कोट
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश/ जौलीग्रांट। भानियावाला-ऋषिकेश फोर लेन परियोजना के लिए रविवार को पेड़ों का कटान नहीं हुआ, जिससे पर्यावरण प्रेमियों ने राहत की सांस ली। वन विकास निगम कर्मियों की ओर से काटे गए पेड़ों का ढुलान किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप के बाद भानियावाला-ऋषिकेश फोर लेने परियोजना के लिए मार्ग किनारे करीब तीन हजार पेड़ों का काटने का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है। बीते करीब 10-12 दिनों में इलेक्ट्रिक आरियों से 775 पेड़ों को काटकर गिराया गया है।
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इसमें काटे गए करीब आधे पेड़ों का उठान कर दिया गया है। जबकि आधे कटे हुए पेड़ वहीं पड़े हुए हैं। जिन्हें वन विकास निगम की ओर से उठाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद पर्यावरण प्रेमी काफी खुश हैं लेकिन दबी जुबान से वनकर्मी और स्थानीय लोग मान रहे हैं कि यह सिर्फ कुछ दिनों के लिए है। इसके बाद फिर से पेड़ कटान का काम शुरू किया जाएगा।
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वहीं पर्यावरण प्रेमियों और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस परियोजना की पुनर्समीक्षा कर सभी दल के स्थानीय नेताओं, पर्यावरणविदों, लोगों से बातचीत कर हाईवे चौड़ीकरण का रास्ता निकाला जाना चाहिए।
टिहरी विस्थापित अठूरवाला निवासी गजेंद्र रावत ने कहा कि एनएचएआई के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट पर ठीक से काम ही नहीं किया है। पहले भानियावाला से लेकर जौलीग्रांट तक करीब 2.2 एलिवेटेड मार्ग बनाया जाना था। स्थानीय जनता के विरोध के बाद इसे रद्द कर दिया गया।
कहा कि भानियावाला में साल जंगल का एक बड़ा खाला हर साल कहर बरपाता है। हाईवे अधिकारी कई बार मौके पर आए लेकिन खाले का इलाज ढूंढे बगैर ही हाईवे चौड़ीकरण का काम शुरू किया जा रहा है।
कोट-
- रविवार को कोई पेड़ नहीं काटा गया है। वन विकास निगम के अधिकारियों ने सिर्फ ढुलान कार्य किया है। काटे गए आधे पेड़ उठाए जा चुके हैं। बाकी कटे हुए पेड़ों को भी उठाया जा रहा है। - गणेश उनियाल, रेंजर बड़कोट