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राज्य का पहला बोन मैरो ट्रांसप्लांट
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश/डोईवाला।
Updated Wed, 11 Jan 2017 01:51 AM IST
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स्वामीराम हिमालयन विवि
- फोटो : amar ujala
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स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी के अंतर्गत कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के चिकित्सकों ने राज्य का पहला बोन मैरो ट्रांसप्लांट में सफलता प्राप्त की है। इस कामयाबी पर विवि के कुलपति डा. विजय धस्माना ने डॉक्टरोें की टीम को बधाई दी है।
देहरादून निवासी 22 वर्षीय सौरभ (काल्पनिक नाम) एएमएल एक्यूट माईलोबलास्टिक ल्यूक्मिया ब्लड कैंसर की बीमारी से पीड़ित था। परिजन उसे दिल्ली ,चंडीगढ़ समेत कई शहरों के बड़े अस्पतालों में ले गए, लेकिन कहीं लाभ नहीं हुआ। इसके बाद सौरभ का उपचार गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में कराया।
इलाज के छह माह बाद सौरभ की बीमारी फिर से हावी हो गई। इसके बाद परिजनों ने उसे हिमालयन अस्पताल के कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया। सीआरआई के विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. कुनाल, डॉ. मुस्ताक और डॉ. एसके वर्मा ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी।
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भाई बहनों का एचएलए मैच नहीं हुआ तो एपलो आईडेंटिकल बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए दाखिल किया गया। लगभग एक माह तक आधुनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट के सहारे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। राज्य के पहले बोन मैरो ट्रांसप्लांट को सफल बनाने में डॉ. बीपी कालरा, डॉ. गीता नेेगी, डॉ. विकास, डॉ. विभा गुप्ता सहित अस्पताल की इन्फेंक्सन कमेटी ने सहयोग दिया।
देहरादून निवासी 22 वर्षीय सौरभ (काल्पनिक नाम) एएमएल एक्यूट माईलोबलास्टिक ल्यूक्मिया ब्लड कैंसर की बीमारी से पीड़ित था। परिजन उसे दिल्ली ,चंडीगढ़ समेत कई शहरों के बड़े अस्पतालों में ले गए, लेकिन कहीं लाभ नहीं हुआ। इसके बाद सौरभ का उपचार गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में कराया।
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इलाज के छह माह बाद सौरभ की बीमारी फिर से हावी हो गई। इसके बाद परिजनों ने उसे हिमालयन अस्पताल के कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया। सीआरआई के विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. कुनाल, डॉ. मुस्ताक और डॉ. एसके वर्मा ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी।
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भाई बहनों का एचएलए मैच नहीं हुआ तो एपलो आईडेंटिकल बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए दाखिल किया गया। लगभग एक माह तक आधुनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट के सहारे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। राज्य के पहले बोन मैरो ट्रांसप्लांट को सफल बनाने में डॉ. बीपी कालरा, डॉ. गीता नेेगी, डॉ. विकास, डॉ. विभा गुप्ता सहित अस्पताल की इन्फेंक्सन कमेटी ने सहयोग दिया।