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45 विधवाओं के लिए श्रवण कुमार हैं चंदू भाई
नवीन नौटियाल /अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Fri, 06 May 2016 01:38 AM IST
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चारधाम यात्रा को पहुचा गुजरात की महिलाओं का दल
- फोटो : amar ujala
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जिन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि चारधाम के दर्शन करेंगे उनके लिए गुजरात के एक व्यापारी श्रवण कुमार बनकर आगे आए हैं। उन्होंनेे खुद के खर्चे पर सूरत शहर की 45 विधवा महिलाओं को देव धामों के दर्शन कराने का फैसला किया है।
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बृहस्पतिवार को यात्रियों का यह दल तीर्थनगरी पहुंच गया है। एक दिन तीर्थनगरी भ्रमण के बाद ये लोग चारधाम यात्रा के लिए आस्था पथ पर रवाना होंगे।
गुजरात के सूरत शहर के रहने वाले व्यापारी चंदू भाई सगर ऐसे व्यक्तियों को आइना दिखाने का काम रहे हैं, जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद भी बुजुर्ग माता-पिता को तीर्थ दर्शन नहीं कराते हैं। दरअसल, चंदू भाई अपने खर्चे पर 45 विधवा महिलाओं को चारधाम यात्रा करवा रहे हैं।
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इनमें से अधिकांश महिलाएं पहली बार चारधाम यात्रा करेंगी। चंदू भाई सगर बताते हैं कि महिलाओं को तीर्थयात्रा करवाने को ख्याल उन्हें तब आया जब एक बुजुर्ग महिला ने अपने आर्थिक रूप से सक्षम बेटे से तीर्थयात्रा करवाने को कहा। लेकिन उक्त महिला के बेटे ने आर्थिक हालात खराब होने का हवाला देते हुए मना कर दिया।
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इसके बाद उन्हाेंने विधवा महिलाओं को अपने खर्चे पर तीर्थयात्रा करवाने की ठान ली। उन्होंने बताया यात्रा में जाने वाला जत्थे में कुल 56 लोग हैं, जिनमें 45 विधवा महिलाएं और 11 पुरुष हैं। चंदू भाई सगर ने कहा वह विधवा महिलाओं के लिए भी आगे इस तरह के कार्य करते रहेंगे।
महिला तीर्थयात्रियों की राय
मैं पहली बार चारधाम यात्रा में शामिल होने आई हूं। चंदू भाई जैसा बेटा हर मां को मिले। इस जमाने में लोग मुफ्त का पानी भी नही पिलाते हैं।
-वेली बेन, चारधाम यात्री
मैं यात्रा में पहली बार शामिल हो रही हूं। जब चंदू भाई ने मुझे चारयात्रा में चलने को कहा तो मैं बहुत खुश हुई। ऐसा बेटा सौभाग्य से मिलता है।
-माजू बेन, चारधाम यात्री
चंदू भाई के छोटे भाई कहते हैं कि उनका छोटा भाई होना मेरे लिए गर्व की बात है। विधवा महिलाओं को तीर्थयात्रा करवाना बहुत बड़ी बात है।
-किशोर भाई सगर