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गंगा में गिर रहा 37 परिवारों का सीवर
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बीस बीघा बापू ग्राम स्थित नाले में जमा सीवर।
- फोटो : RISHIKESH
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केंद्र सरकार गंगा की निर्मलता और स्वच्छता को बरकरार रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। बावजूद इसके बीस बीघा मीरानगर में 37 परिवारों का सीवर रंभा नदी होते हुए गंगा में गिर रहा है। जिम्मेदार अफसर अभियान को पलीता लगा रहे हैं। दावों के विपरीत नमामि गंगे परियोजना से जुड़े अफसरों को गंगा में बह रहे सीवर की जानकारी ही नहीं है। इसी लचर कार्यशैली का लाभ उठाते हुए अपार्टमेंट स्वामी नियमानुसार अपना एसटीपी भी नहीं लगा रहे हैं।
बुधवार को नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्रांतर्गत बीस बीघा मीरानगर के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दरअसल वार्ड संख्या-30 बीस बीघा मीरानगर तथा आमबाग के बीच में ढाई फुट गहरा, छह मीटर 80 सेंटीमीटर चौड़ा एक नाला है। यह नाला आगे जाकर रंभा नदी में मिलता है। रंभा नदी के जरिए गंगा में गिर रहा है। इस नाले पर आमबाग में बने 37 फ्लैट वाले अपार्टमेंट का सीवर गंगा में बह रहा है। हालात ये हैं नाले के समीप बने घरों में रहने वाले करीब 80 परिवारों का दुर्गंध के कारण जीना दुश्वार है।
बुधवार को भाजपा नेता हैप्पी सेमवाल स्थानीय लोगों की गुहार पर बीस बीघा, मीरानगर स्थित वार्ड-30 पहुंचे। इस दौरान आसपास रहने वाले लोगों ने नमामि गंगे परियोजना की कार्यप्रणाली पर जमकर रोष प्रकट किया। इसके बाद नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप और प्रोजेक्ट इंजीनियर अरविंद कुमार चतुर्वेदी को भी मौके पर बुलाया। अफसरों के मौके पर पहुंचते ही लोगों ने घेराव शुरू कर दिया। परियोजना प्रबंधक ने कहा रंभा नदी के जरिए सीवर गंगा में बहने की जानकारी मुझे नहीं थी। यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार धर्मशाला, होटल या अपार्टमेंट में यदि 20 या उससे ज्यादा कमरे संचालित हो रहे हैं तो उन्हें खुद एसटीपी लगाना चाहिए। जिस आर्क एवेन्यू अपार्टमेंट की बात हो रही है। उसमें नियमानुसार अपना एसटीपी होना चाहिए। इस अनियमितता के खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रदर्शन करने वालों में बबीता, गीता, शिवानी देवी, फूलमनी देवी, कमला, मीनू, सुमित्रा, किरण, संगीता, प्रमिला देवी, सुनीता, प्रमोद प्रसाद आदि लोग शामिल रहे।
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आर्क एवेन्यू सोसायटी भेजेंग नोटिस
ऋषिकेश। नमामि गंगे के परियोजना प्रबंधक संदीप कश्यप ने कहा कि उक्त क्षेत्र में सीवर लाइन नहीं बिछी हुई है। 180 किलोमीटर की सीवर लाइन बिछाई जा रही है। इसमें मीरानगर क्षेत्र भी शामिल है। इस कार्य को कुंभ मेला संपन्न होने के बाद किया जाना है। उन्होंने बताया कि नाले में गिर रहा सीवर का पानी आर्क एवेन्यू का है। इस मामले में स्टेट प्रोग्राम मैनेजमेंट ग्रुप (एसपीएमजी) के जरिए आर्क एवेन्यू को नोटिस भेजा जा रहा है।
परिचर्चा---
फ्लैट से पूरे दिन और रात सीवर का पानी गिरता है। इसमें मल-मूत्र गिरकर जमा हो गया है। हर समय यहां दुर्गंध बनी रहती है। मेरा तीन साल का बच्चा एक सप्ताह पूर्व इस नाले में गिर गया था। यह नाले के जरिए सीवर की गंदगी रंभा नदी और उसके बाद गंगा में मिल रही है।
- गीता
इस नाले में रात्रि में गिरकर चोटिल हो चुकी हूं। यहां सीवर के पानी में सांप, बिच्छू, कीड़े पनप रहे हैं। इससे आसपास दुर्गंध तो रहती ही है, साथ ही करोड़ो हिंदुओं की आस्था की प्रतीक गंगा नदी भी प्रदूषित हो रही है। बावजूद इसके शासन-प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
- किरण,
करोड़ो के प्रोजेक्ट केंद्र सरकार गंगा नदी की स्वच्छता को लेकर चला रही है। मगर, अधिकारी मां गंगा की स्वच्छता में अपना योगदान नहीं दे रहे हैं। अपार्टमेंट का सीवर नाले के जरिए गंगा में जाने की बात अधिकारी भी कबूल कर रहे हैं। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हो रही।
- हैप्पी सेमवाल, जनप्रतिनिधि
बरसात के समय यह नाला अपने उफान पर होता है। नाले में जमी पड़ी सीवर की गंदगी को बरसात का पानी अपने साथ रंभा नदी के जरिए गंगा में गिरता है। मैंने तीन बार इस नाले में गिरकर बहती गायों को बचाया है। जिम्मेदारी अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी के प्रति संजीदा नहीं हैं।
- प्रमोद प्रसाद
पूर्व में एक बार इस नाले की सफाई की गई थी। अब सफाई भी नहीं हो पा रही है। नगर आयुक्त से मिलकर नाले में पड़ी गंदगी की समस्या का प्रमुखता से रखा जाएगा। स्वच्छता अभियान चलाने के बावजूद भी गंगा में सीवर गिरना एक गंभीर समस्या है।
- सुंदरी कंडवाल, पार्षद
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बुधवार को नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्रांतर्गत बीस बीघा मीरानगर के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दरअसल वार्ड संख्या-30 बीस बीघा मीरानगर तथा आमबाग के बीच में ढाई फुट गहरा, छह मीटर 80 सेंटीमीटर चौड़ा एक नाला है। यह नाला आगे जाकर रंभा नदी में मिलता है। रंभा नदी के जरिए गंगा में गिर रहा है। इस नाले पर आमबाग में बने 37 फ्लैट वाले अपार्टमेंट का सीवर गंगा में बह रहा है। हालात ये हैं नाले के समीप बने घरों में रहने वाले करीब 80 परिवारों का दुर्गंध के कारण जीना दुश्वार है।
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बुधवार को भाजपा नेता हैप्पी सेमवाल स्थानीय लोगों की गुहार पर बीस बीघा, मीरानगर स्थित वार्ड-30 पहुंचे। इस दौरान आसपास रहने वाले लोगों ने नमामि गंगे परियोजना की कार्यप्रणाली पर जमकर रोष प्रकट किया। इसके बाद नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप और प्रोजेक्ट इंजीनियर अरविंद कुमार चतुर्वेदी को भी मौके पर बुलाया। अफसरों के मौके पर पहुंचते ही लोगों ने घेराव शुरू कर दिया। परियोजना प्रबंधक ने कहा रंभा नदी के जरिए सीवर गंगा में बहने की जानकारी मुझे नहीं थी। यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार धर्मशाला, होटल या अपार्टमेंट में यदि 20 या उससे ज्यादा कमरे संचालित हो रहे हैं तो उन्हें खुद एसटीपी लगाना चाहिए। जिस आर्क एवेन्यू अपार्टमेंट की बात हो रही है। उसमें नियमानुसार अपना एसटीपी होना चाहिए। इस अनियमितता के खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रदर्शन करने वालों में बबीता, गीता, शिवानी देवी, फूलमनी देवी, कमला, मीनू, सुमित्रा, किरण, संगीता, प्रमिला देवी, सुनीता, प्रमोद प्रसाद आदि लोग शामिल रहे।
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ऋषिकेश। नमामि गंगे के परियोजना प्रबंधक संदीप कश्यप ने कहा कि उक्त क्षेत्र में सीवर लाइन नहीं बिछी हुई है। 180 किलोमीटर की सीवर लाइन बिछाई जा रही है। इसमें मीरानगर क्षेत्र भी शामिल है। इस कार्य को कुंभ मेला संपन्न होने के बाद किया जाना है। उन्होंने बताया कि नाले में गिर रहा सीवर का पानी आर्क एवेन्यू का है। इस मामले में स्टेट प्रोग्राम मैनेजमेंट ग्रुप (एसपीएमजी) के जरिए आर्क एवेन्यू को नोटिस भेजा जा रहा है।
परिचर्चा---
फ्लैट से पूरे दिन और रात सीवर का पानी गिरता है। इसमें मल-मूत्र गिरकर जमा हो गया है। हर समय यहां दुर्गंध बनी रहती है। मेरा तीन साल का बच्चा एक सप्ताह पूर्व इस नाले में गिर गया था। यह नाले के जरिए सीवर की गंदगी रंभा नदी और उसके बाद गंगा में मिल रही है।
- गीता
इस नाले में रात्रि में गिरकर चोटिल हो चुकी हूं। यहां सीवर के पानी में सांप, बिच्छू, कीड़े पनप रहे हैं। इससे आसपास दुर्गंध तो रहती ही है, साथ ही करोड़ो हिंदुओं की आस्था की प्रतीक गंगा नदी भी प्रदूषित हो रही है। बावजूद इसके शासन-प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
- किरण,
करोड़ो के प्रोजेक्ट केंद्र सरकार गंगा नदी की स्वच्छता को लेकर चला रही है। मगर, अधिकारी मां गंगा की स्वच्छता में अपना योगदान नहीं दे रहे हैं। अपार्टमेंट का सीवर नाले के जरिए गंगा में जाने की बात अधिकारी भी कबूल कर रहे हैं। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हो रही।
- हैप्पी सेमवाल, जनप्रतिनिधि
बरसात के समय यह नाला अपने उफान पर होता है। नाले में जमी पड़ी सीवर की गंदगी को बरसात का पानी अपने साथ रंभा नदी के जरिए गंगा में गिरता है। मैंने तीन बार इस नाले में गिरकर बहती गायों को बचाया है। जिम्मेदारी अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी के प्रति संजीदा नहीं हैं।
- प्रमोद प्रसाद
पूर्व में एक बार इस नाले की सफाई की गई थी। अब सफाई भी नहीं हो पा रही है। नगर आयुक्त से मिलकर नाले में पड़ी गंदगी की समस्या का प्रमुखता से रखा जाएगा। स्वच्छता अभियान चलाने के बावजूद भी गंगा में सीवर गिरना एक गंभीर समस्या है।
- सुंदरी कंडवाल, पार्षद