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विद्यालय की जर्जर दीवारें, खतरे में नौनिहाल हमारे : अभिभावक

Sun, 10 Oct 2021 01:48 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 01:48 AM IST
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School's dilapidated walls, our children in danger: Parents
मालवीय मार्ग स्थित राजकीय प्रथमिक विद्यालय नंबर सात की जर्जर दीवार। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। मालवीय मार्ग स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर सात में नौनिहाल जर्जर भवन में सुनहरे भविष्य की बाट जोह रहे हैं। विद्यालय की चहारदीवारी और कमरों की दीवारों पर जगह-जगह दरारें आ गई है। जिससे विद्यालय की दीवारें कभी भी जमींदोज हो सकती हैं। इसलिए इस विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के अभिभावकों अपने बच्चों की चिंता सताती रहती है।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर सात में कक्षा एक से कक्षा पांच तक करीब 85 बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय में नई जाटव बस्ती, वाल्मीकि बस्ती से बच्चे पढ़ने आते हैं। यह विद्यालय क्षेत्र का सबसे पुराना विद्यालय है। यह विद्यालय मालवीय मार्ग पर दिल्ली वाली धर्मशाला में चलता है। करीब पांच दशक पहले धर्मशाला के मालिक ने अपनी धर्मशाला का एक हिस्सा विद्यालय को दान दे दिया था। जिसकी ऊपर की मंजिल में भी कक्षाएं संचालित होती थी। बीच में छात्र संख्या कम होने के कारण यहां बाहरी लोगों ने ऊपरी मंजिल पर कब्जा कर दिया है। ऊपरी मंजिल में कब्जा होने के कारण सर्दियों के समय नौनिहालों को धूप में जाने पर भी परेशानी होती है। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि विद्यालय का भवन बहुत ही जर्जर हो गया है। नौनिहालों का मध्याह्न भी जर्जर कमरे में बन रहा है।
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अभिभावक शिवानी, ज्योति, सोनी, दीपा, अनीता, प्यारेलाल, प्रियंका, रमा, ममता ने कहा कि वर्ष 2017 मई में जर्जर भवन के कारण विद्यालय का पंखा नीचे गिर गया था। जो एक छात्र के सिर पर टकरा गया था। जिससे छात्र को बहुत चोट आई थी। विद्यालय के ऊपरी मंजिल में पानी की निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यालय की नींव, छत एवं दीवारों में भी सीलन आ गई है। विद्यालय के दीवारों पर जगह-जगह दरारें आ गई हैं। जो कभी भी जमींदोज हो सकता है।
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जर्जर भवन में छात्रों और अपनी जान का हर समय डर सताता रहता है। विद्यालय की बदहाल हालत के बारे में कई बार शासन-प्रशासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी।
ममता गौड़, प्रधानाध्यापक
मामला संज्ञान में है। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय के लिए नई भूमि चयन करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान होगा।
आरएस रावत, जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) देहरादून।
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