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यात्रियों की भीड़ के सामने रोडवेज के संसाधन पड़े कम
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ऋषिकेश रोडवेज बस अड्डे में हरिद्वार जाने वाली बस में बैठने के लिए लगी यात्रियों की भीड़।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। महाशिवरात्रि पर नीलकंठ और अन्य स्थानों से जलाभिषेक कर अपने घरों को जा रहे यात्रियों को रोडवेज की बसें नहीं मिली।
जो बसें आई उनमें यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया। बाहरी राज्यों की बसें जाम में फंसने से ऋषिकेश नहीं पहुंच पाई। चार बजे तक यही हाल था।
महाशिवरात्रि हरिद्वार में जाम लगने से ऋषिकेश आने वाली बसें जाम में फंस गई थी। ऋषिकेश से जो बसें दिल्ली जा रही थी, उनके हरिद्वार तक की सवारी बिठाई गईं। लेकिन भीड़ के सामने ऋषिकेश डिपो के संसाधन फेल हो गए। जैसे ही कोई बस हरिद्वार के लिए लगती यात्रियों की भीड़ उसी पर टूट पड़ती। वहीं ई-बिडकटिंग मशीन की पर्याप्त संख्या न होने और बसों में यात्रियों की संख्या एकदम बढ़ने से रोडवेज बसों को कंडक्टरों को मैन्युअल टिकट बुक दी गई। हरिद्वार जाने वाली बसें पैक होकर गई। देहरादून से जो भी बसें आती उसे हरिद्वार भेजा जा रहा था। वहीं टीजीएमओ और जीएमओयू कंपनी की बसें भी बस अड्डा से हरिद्वार तक सवारियों को लेकर गई। इससे भी डिपो में यात्रियों की भीड़ कम हुई। पर्वतीय क्षेत्रों से जो भी प्राइवेट बस आ रही थी वह हरिद्वार की सवारियों को ले जा रही थी। हाईवे पर जाम लगने से हरिद्वार जाने वाली बसों को वाया चीला होकर भेजा गया।
एजीएम और चालक में बहस, 26 मिनट तक खड़ी रही यात्रियों से भरी बस
ऋषिकेश। देहरादून डिपो की बस अनुबंधित बस (लाल रंग) दोपहर 1.50 बजे ऋषिकेश डिपो परिसर में पहुंची। इस दौरान डिपो में हरिद्वार जाने के लिए करीब 500 यात्री खड़े थे, हर कोई रोडवेज पूछताछ कक्ष में बस के विषय में जानकारी हासिल कर रहे थे।
करीब दोपहर 1.54 चालक बस में देहरादून की चार-पांच सवारियां बिठाकर जाने लगा। इस दौरान के एजीएम कार्यालय के क्लर्क विपिन चौधरी यात्रियों की भीड़ को देखकर इस बस में हरिद्वार की सवारियां भरने लगे, बस चालक ने हरिद्वार जाने से इंकार कर दिया। इस दौरान एजीएम पीके भारती और टीएस अनुराग पुरोहित भी मौके पर पहुंचे, एजीएम ने जब हरिद्वार रूट पर जाने को कहा तो चालक एजीएम से उलझने लगा। इस दौरान बस चालक और एजीएम में गर्मागरम बहस हो गई। चालक ने अपनी बस में डीजल भरवाने और अपने एजीएम से आदेश कराने की बात कही। इस पर अधिकारी इधर उधर फोन करने लगे, इस दौरान बस के अंदर ठूंसे गए यात्री गर्मी में 26 मिनट तक बस के अंदर रहे। देहरादून से फोन आने के बाद चालक हरिद्वार जाने को तैयार हुआ। दोपहर 1.20 बजे बस रवाना हो पाई।
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जो बसें आई उनमें यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया। बाहरी राज्यों की बसें जाम में फंसने से ऋषिकेश नहीं पहुंच पाई। चार बजे तक यही हाल था।
महाशिवरात्रि हरिद्वार में जाम लगने से ऋषिकेश आने वाली बसें जाम में फंस गई थी। ऋषिकेश से जो बसें दिल्ली जा रही थी, उनके हरिद्वार तक की सवारी बिठाई गईं। लेकिन भीड़ के सामने ऋषिकेश डिपो के संसाधन फेल हो गए। जैसे ही कोई बस हरिद्वार के लिए लगती यात्रियों की भीड़ उसी पर टूट पड़ती। वहीं ई-बिडकटिंग मशीन की पर्याप्त संख्या न होने और बसों में यात्रियों की संख्या एकदम बढ़ने से रोडवेज बसों को कंडक्टरों को मैन्युअल टिकट बुक दी गई। हरिद्वार जाने वाली बसें पैक होकर गई। देहरादून से जो भी बसें आती उसे हरिद्वार भेजा जा रहा था। वहीं टीजीएमओ और जीएमओयू कंपनी की बसें भी बस अड्डा से हरिद्वार तक सवारियों को लेकर गई। इससे भी डिपो में यात्रियों की भीड़ कम हुई। पर्वतीय क्षेत्रों से जो भी प्राइवेट बस आ रही थी वह हरिद्वार की सवारियों को ले जा रही थी। हाईवे पर जाम लगने से हरिद्वार जाने वाली बसों को वाया चीला होकर भेजा गया।
एजीएम और चालक में बहस, 26 मिनट तक खड़ी रही यात्रियों से भरी बस
ऋषिकेश। देहरादून डिपो की बस अनुबंधित बस (लाल रंग) दोपहर 1.50 बजे ऋषिकेश डिपो परिसर में पहुंची। इस दौरान डिपो में हरिद्वार जाने के लिए करीब 500 यात्री खड़े थे, हर कोई रोडवेज पूछताछ कक्ष में बस के विषय में जानकारी हासिल कर रहे थे।
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करीब दोपहर 1.54 चालक बस में देहरादून की चार-पांच सवारियां बिठाकर जाने लगा। इस दौरान के एजीएम कार्यालय के क्लर्क विपिन चौधरी यात्रियों की भीड़ को देखकर इस बस में हरिद्वार की सवारियां भरने लगे, बस चालक ने हरिद्वार जाने से इंकार कर दिया। इस दौरान एजीएम पीके भारती और टीएस अनुराग पुरोहित भी मौके पर पहुंचे, एजीएम ने जब हरिद्वार रूट पर जाने को कहा तो चालक एजीएम से उलझने लगा। इस दौरान बस चालक और एजीएम में गर्मागरम बहस हो गई। चालक ने अपनी बस में डीजल भरवाने और अपने एजीएम से आदेश कराने की बात कही। इस पर अधिकारी इधर उधर फोन करने लगे, इस दौरान बस के अंदर ठूंसे गए यात्री गर्मी में 26 मिनट तक बस के अंदर रहे। देहरादून से फोन आने के बाद चालक हरिद्वार जाने को तैयार हुआ। दोपहर 1.20 बजे बस रवाना हो पाई।
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