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शुगर मिल ने तोड़ा 20 साल का रिकॉर्ड
ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश
Updated Sun, 03 Apr 2016 01:54 AM IST
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- फोटो : file photo
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शुगर मिल ने तोड़ा 20 साल का रिकॉर्ड
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भले ही इस पेराई सत्र में शुगर मिल डोईवाला को मांग के अनुरूप कम गन्ना मिला, लेकिन खुशी इस बात की है कि शुगर मिल ने चीनी की रिकवरी में बीस साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। इसका श्रेय शुगर मिल डोईवाला की ओर से संचालित गन्ना बीज बदलाव कार्यक्रम को दिया जा रहा है।
डोईवाला शुगर मिल ने साल 2015-16 के पेराई सत्र के लिए औसतन 9.32 की रिकवरी पाने में कामयाबी हासिल की है। सीधे शब्दों में कहें तो इस बार एक कुंतल गन्ने की पेराई में 9.32 किलोग्राम चीनी का उत्पादन हुआ। गन्ने की पेराई में रिकवरी यानी चीनी का परता का बहुत अधिक महत्व होता है। यही रिकवरी चीनी के उत्पादन को तय करता है। गन्ने की पेराई में रिकवरी का आशय प्रति कुंतल गन्ने से उत्पादित होने वाली चीनी की मात्रा माना जाता है।
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चीनी मिल इसे अपनी उपलब्धि से जोड़कर देख रही है। मिल बेहतर उत्पादन के लिए लंबे समय से गन्ना बीज बदलाव कार्यक्रम चला रही है। इसके अंतर्गत गन्ने की शीघ्र पकने वाली प्रजाति जो क्षेत्र मे महज आठ प्रतिशत नही थी, उसकी बुवाई तीस प्रतिशत बढ़ने से यह सफलता मिली है। इसे पहले अविभाजित उत्तर प्रदेश में मिल ने साल 1991-92 के पेराई सत्र में सर्वाधिक 9.42 की रिकवरी हासिल की थी।
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शुगर मिल गन्ना बीज बदलाव कार्यक्रम को किसानों के बीच बेहद गंभीरता से ले गई। इससे उत्साहित होकर गन्ना किसानों ने शीघ्र और उन्नत प्रजाति की बुवाई पर अधिक ध्यान दिया। नतीजा बेहतर रिकवरी के रूप सामने आया है।-मनमोहन सिंह, शुगर मिल के अधिशासी निदेशक