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राफ्टिंग हुई बंद अब झरनों का रुख करेंगे पर्यटक
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मानसून सीजन शुरू होने के साथ रिवर राफ्टिंग पर रोक लग गई है। राफ्टिंग बंद होने के साथ पर्यटक अब मौज-मस्ती के लिए प्राकृतिक झरनों का रुख करेंगे। योगनगरी में नीरगड्डू, पटना और कालीकुंड जैसे खूबसूरत वाटर हैं। लेकिन बारिश के दौरान भूलकर भी इन झरनों में न नहाए।
बृहस्पतिवार से योगनगरी में रिवर राफ्टिंग पर रोक लग गई। अब पर्यटकों को राफ्टिंग के लिए एक सितंबर तक इंतजार करना होगा। राफ्टिंग बंद होने के बाद पर्यटकों की संख्या में तो कमी आती है। हालांकि वीकेंड पर पर्यटकों के आगमन सिलसिला जारी रहता है। इस बीच पर्यटक प्राकृतिक झरनों में मौज मस्ती और जंगल कैंपिंग करते हुए प्रकृति के बीच समय बिताते हैं। तपोवन का नीरगड्डू वाटर फाल और फूलचट्टी के पास पटना व गट्टू गाड़ के पास काली कुंड वाटर फाल पर्यटकों खूब लुभाते हैं। लेकिन बारिश के दौरान इन झरनों में नहाना बेहद जोखिम भरा होता है। असल में बारिश के दौरान पहाड़ की मिट्टी जगह छोड़ने लगती है। जिससे पत्थर नीचे की ओर गिरने लगते हैं, कई बार चट्टान टुकड़ा भी दरक कर नीचे आ जाता है। ऐसे में पर्यटक पत्थर या चट्टान के टुकड़े की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।
झरनों में गंदगी न फैलाएं
बाहरी राज्यों से आने वाले कई पर्यटक झरनों में नहाते समय चिप्स, कुरकुरे, नमकीन, कोल्ड ड्रिंक का सेवन भी करते है। पर्यटक खाली रैपर और बोतल को झरनों में छोड़ देते हैं, जिससे झरनों के किनारों पर गंदगी जमा हो जाती है। कई पर्यटक झरनों में नहाते समय शराब और बीयर भी पीते है, इससे माहौल तो खराब होता ही है, नशे में होने के कारण पर्यटकों के चोटिल होने की आशंका भी बनी रहती है।
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बृहस्पतिवार से योगनगरी में रिवर राफ्टिंग पर रोक लग गई। अब पर्यटकों को राफ्टिंग के लिए एक सितंबर तक इंतजार करना होगा। राफ्टिंग बंद होने के बाद पर्यटकों की संख्या में तो कमी आती है। हालांकि वीकेंड पर पर्यटकों के आगमन सिलसिला जारी रहता है। इस बीच पर्यटक प्राकृतिक झरनों में मौज मस्ती और जंगल कैंपिंग करते हुए प्रकृति के बीच समय बिताते हैं। तपोवन का नीरगड्डू वाटर फाल और फूलचट्टी के पास पटना व गट्टू गाड़ के पास काली कुंड वाटर फाल पर्यटकों खूब लुभाते हैं। लेकिन बारिश के दौरान इन झरनों में नहाना बेहद जोखिम भरा होता है। असल में बारिश के दौरान पहाड़ की मिट्टी जगह छोड़ने लगती है। जिससे पत्थर नीचे की ओर गिरने लगते हैं, कई बार चट्टान टुकड़ा भी दरक कर नीचे आ जाता है। ऐसे में पर्यटक पत्थर या चट्टान के टुकड़े की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।
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झरनों में गंदगी न फैलाएं
बाहरी राज्यों से आने वाले कई पर्यटक झरनों में नहाते समय चिप्स, कुरकुरे, नमकीन, कोल्ड ड्रिंक का सेवन भी करते है। पर्यटक खाली रैपर और बोतल को झरनों में छोड़ देते हैं, जिससे झरनों के किनारों पर गंदगी जमा हो जाती है। कई पर्यटक झरनों में नहाते समय शराब और बीयर भी पीते है, इससे माहौल तो खराब होता ही है, नशे में होने के कारण पर्यटकों के चोटिल होने की आशंका भी बनी रहती है।
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