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Rishikesh News: अंकिता हत्याकांड में निलंबित राजस्व उप निरीक्षकों की बहाली
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Iडीएम ने जारी किए आदेश, विभागीय कार्रवाई खत्म, उपनिरीक्षकों के वेतन वृद्धि पर तीन साल की रोक
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Iहत्याकांड प्रकरण में लापरवाही पर निलंबित किए गए थे दोनों उप निरीक्षकI
अंकिता हत्याकांड प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले तहसील यमकेश्वर के उदयपुर पल्ला-दो और अजमेर पल्ला-तीन के राजस्व उपनिरीक्षकों की सवेतन सेवा बहाली के आदेश हो गए हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी समाप्त कर दी गई है। डीएम पौड़ी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। डीएम ने उप निरीक्षकों के वेतन वृद्धि पर तीन साल की रोक लगा दी है। दोनों राजस्व उप निरीक्षकों को अंकिता हत्याकांड में प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं करने, अंकिता के परिजनों की ओर से दी गई तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं करने, दायित्व व विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही के आरोप में उन्हें वर्ष 2022 में निलंबित कर दिया गया था।
तहसील यमकेश्वर के गंगाभोगपुर स्थित वनंतरा रिजाॅर्ट में पौड़ी के श्रीकोट गांव की अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट थी। 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट से अचानक लापता हो गई थी। अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी 20 सितंबर को राजस्व उपनिरीक्षक उदयपुर तल्ला-दो के कार्यालय पहुंचे थे। जहां मूल पद पर तैनात राजस्व उप निरीक्षक अवकाश पर था। जबकि प्रभार देख रहा राजस्व उपनिरीक्षक सेवारत था। राजस्व विभाग के कर्मियों ने उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। अंकिता के पिता ने रिजॉर्ट के मालिक पर बेटी की हत्या की आशंका जताई थी। जबकि राजस्व उप निरीक्षक ने रिजॉर्ट के मालिक की शिकायत पर अंकिता की गुमशुदगी दर्ज पहले की कर ली थी। जिसके बाद मामले में परिजनों, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश बढ़ा।
22 सितंबर को पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए रिजॉर्ट मालिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 24 सितंबर को अंकिता का शव चीला बैराज से बरामद कर लिया था। मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट कोटद्वार में चल रही है। मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी पौड़ी डाॅ. विजय कुमार जोगदंडे ने कार्रवाई करते हुए उक्त दोनों राजस्व उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। मामले की जांच एसडीएम लैंसडाउन को सौंपी थी। डीएम पौड़ी डाॅ. आशीष चौहान ने बताया कि यमकेश्वर तहसील के उदयपुर पल्ला-दो के निलंबित राजस्व उपनिरीक्षक वैभव प्रताप सिंह और अजमेर-तीन के निलंबित राजस्व उपनिरीक्षक विवेक कुमार की वेतन वृद्धि पर तीन साल की रोक लगा दी गई है। कहा उक्त मामले में विभागीय कार्रवाई समाप्त करते हुए उक्त दोनों राजस्व उप निरीक्षकों की सवेतन सेवा बहाली का आदेश जारी कर दिया गया है।
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Iहत्याकांड प्रकरण में लापरवाही पर निलंबित किए गए थे दोनों उप निरीक्षकI
अंकिता हत्याकांड प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले तहसील यमकेश्वर के उदयपुर पल्ला-दो और अजमेर पल्ला-तीन के राजस्व उपनिरीक्षकों की सवेतन सेवा बहाली के आदेश हो गए हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी समाप्त कर दी गई है। डीएम पौड़ी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। डीएम ने उप निरीक्षकों के वेतन वृद्धि पर तीन साल की रोक लगा दी है। दोनों राजस्व उप निरीक्षकों को अंकिता हत्याकांड में प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं करने, अंकिता के परिजनों की ओर से दी गई तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं करने, दायित्व व विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही के आरोप में उन्हें वर्ष 2022 में निलंबित कर दिया गया था।
तहसील यमकेश्वर के गंगाभोगपुर स्थित वनंतरा रिजाॅर्ट में पौड़ी के श्रीकोट गांव की अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट थी। 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट से अचानक लापता हो गई थी। अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी 20 सितंबर को राजस्व उपनिरीक्षक उदयपुर तल्ला-दो के कार्यालय पहुंचे थे। जहां मूल पद पर तैनात राजस्व उप निरीक्षक अवकाश पर था। जबकि प्रभार देख रहा राजस्व उपनिरीक्षक सेवारत था। राजस्व विभाग के कर्मियों ने उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। अंकिता के पिता ने रिजॉर्ट के मालिक पर बेटी की हत्या की आशंका जताई थी। जबकि राजस्व उप निरीक्षक ने रिजॉर्ट के मालिक की शिकायत पर अंकिता की गुमशुदगी दर्ज पहले की कर ली थी। जिसके बाद मामले में परिजनों, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश बढ़ा।
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22 सितंबर को पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए रिजॉर्ट मालिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 24 सितंबर को अंकिता का शव चीला बैराज से बरामद कर लिया था। मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट कोटद्वार में चल रही है। मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी पौड़ी डाॅ. विजय कुमार जोगदंडे ने कार्रवाई करते हुए उक्त दोनों राजस्व उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। मामले की जांच एसडीएम लैंसडाउन को सौंपी थी। डीएम पौड़ी डाॅ. आशीष चौहान ने बताया कि यमकेश्वर तहसील के उदयपुर पल्ला-दो के निलंबित राजस्व उपनिरीक्षक वैभव प्रताप सिंह और अजमेर-तीन के निलंबित राजस्व उपनिरीक्षक विवेक कुमार की वेतन वृद्धि पर तीन साल की रोक लगा दी गई है। कहा उक्त मामले में विभागीय कार्रवाई समाप्त करते हुए उक्त दोनों राजस्व उप निरीक्षकों की सवेतन सेवा बहाली का आदेश जारी कर दिया गया है।
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