फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Not improved the situation in the banks, people are troubled day

बैंकों में नहीं सुधरे हालात, दिनभर परेशान रहे लोग

Wed, 16 Nov 2016 01:28 AM IST
rishikesh
rishikesh Updated Wed, 16 Nov 2016 01:28 AM IST
विज्ञापन
Not improved the situation in the banks, people are troubled day
बैंक - फोटो : amar ujala
केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद के फैसले के बाद पुराने नोटों को बैंक में बदलने और एटीएम से पैसे निकालने के लिए लोग मंगलवार को भी कतार में खड़े नजर आए। सरकार के आदेश के बाद भी बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बैंक व एटीएम में अलग लाइन की व्यवस्था नहीं की गई। जिसके चलते बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।  
विज्ञापन

केंद्र सरकार के आदेश के बाद भी ऋषिकेश के बैंकों और एटीएम से पैसे लेन-देन के लिए बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं के लिए अलग लाइन की व्यवस्था नहीं की गई। जिसके चलते बुजुर्गों और दिव्यांगों को लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ा। सुबह से ही एसबीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी आदि बैंकों, एटीएम में लोगों की भीड़ के बीच महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों को कतार में लगना पड़ा। इस संबंध में बैंक अधिकारियों से पूछा जाने पर उन्होंने कार्य में व्यस्त होने की बात कही। हालांकि, बाद में एचडीएफसी बैंक के उप प्रबंधक प्रशांत वर्मा ने अमर उजाला की बात का संज्ञान लेते हुए बुजुर्गों, दिव्यांगों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था की। एटीएम और बैंक से पैसे के लेन-देन को कतार में खड़े बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों ने अपनी बात इस प्रकार रखी।
विज्ञापन



बैंकों में लेन-देेन के लिए बुजुर्गों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था नहीं की गई। जबकि सरकार ने बुजुर्गों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था करने को कहा गया है। - मनीराम बर्थवाल, पौड़ी गढ़वाल
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं और पुरुषों की एक ही लाइन होने से लोगों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग लाइन में बीड़ी, सिगरेट पी रहे हैं। जो ठीक नहीं है। - मंजू कपूर, श्रीनगर

मेरा नंबर आने से पहले ही एटीएम में पैसे खत्म हो गए। लाइन में खड़ा रहने से पैरों में दर्द होने लगा, तो लाइन के पास ही बैठ गया। बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए अलग लाइन नहीं है। - एमके शर्मा, ऋषिकेश

सभी कर्मचारी ग्राहकों की मदद के लिए काम कर रहे हैं। बैंक में कम जगह होने से अलग लाइन बनाने में समस्या हो रही है। उचित व्यवस्था करके बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं के लिए अलग लाइन की व्यवस्था कर दी जाएगी। - पारीतोष धस्माना,  शाखा प्रबंधक एचडीएफसी ऋषिकेश 


बैंकों में छोटे नोटों की किल्लत
बैंकों में छोटे नोट जमा नहीं होने से अब बैंको को भी किल्लत झेलनी पड़ रही है। डोईवाला में कई बैंको में लोगों को निर्धारित संख्या से कम पैसे लेने पड़े। नोटबंदी के सप्ताह भर बाद मंगलवार को डोईवाला में महज ओबीसी बैंक का एटीएम ने काम किया।सौ के नोट लोग जमा नहीं कर रहे है। जबकि बैंको के पास जो नोट है वह बैंक खुलने के कुछ घंटो बाद ही खत्म हो रहे है। ऐसे में डोईवाला में बैंको की कई शाखाओं ने लोगों को कम धनराशि देकर सभी का काम चलाने का प्रयास किया। बैंक ऑफ बडौदा ने नोट बदलने और कैश निकालने पर महज दो हजार की रकम दी। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी व्यवस्थाओं को बनाने में पसीना बहाना पड़ रहा है। मंगलवार को केवल ओबीसी की डोईवाला शाखा का एटीएम ही चला जिससे लोगो को आंशिक राहत मिली। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed