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एम्स में सामान्य मरीज नहीं होंगे भर्ती, कोविड को लेकर लिया गया निर्णय
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ऋषिकेश। कोविड के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रशासन ने ओपीडी में आने वाले सामान्य रोगियों को अग्रिम आदेशों तक भर्ती करना बंद कर दिया है। जबकि गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जाएगा। कोविड के मरीजों के लिए फिलहाल 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि पिछले साल कोविड के दौरान एम्स में कोविड संक्रमित सैकड़ों लोगों का इलाज हुआ था। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार महाराष्ट्र, पंजाब और अन्य राज्यों में कोविड के केस बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए एम्स प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। कोविड संक्रमितों के लिए फिलहाल 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। बृहस्पतिवार से ओपीडी में आने वाले सामान्य रोगी को भर्ती नहीं किया गया। जबकि गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों का इलाज चलता रहेगा। दुर्घटना या अन्य बीमारी के रोगियों के लिए ट्रामा सेंटर खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि राज्य के कोविड मरीजों की संख्या बढ़ती है तो बेडों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। पिछले साल कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने पर एम्स में ओपीडी बंद कर दी गई थी। ओपीडी खुलने के बाद लोगों ने राहत महसूस की थी। सैकड़ों लोग एम्स में इलाज करा रहे थे।
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एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि पिछले साल कोविड के दौरान एम्स में कोविड संक्रमित सैकड़ों लोगों का इलाज हुआ था। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार महाराष्ट्र, पंजाब और अन्य राज्यों में कोविड के केस बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए एम्स प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। कोविड संक्रमितों के लिए फिलहाल 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। बृहस्पतिवार से ओपीडी में आने वाले सामान्य रोगी को भर्ती नहीं किया गया। जबकि गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों का इलाज चलता रहेगा। दुर्घटना या अन्य बीमारी के रोगियों के लिए ट्रामा सेंटर खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि राज्य के कोविड मरीजों की संख्या बढ़ती है तो बेडों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। पिछले साल कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने पर एम्स में ओपीडी बंद कर दी गई थी। ओपीडी खुलने के बाद लोगों ने राहत महसूस की थी। सैकड़ों लोग एम्स में इलाज करा रहे थे।
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