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सड़कों पर गोवंश छोड़ा तो खैर नहीं : डीएम
Sat, 05 Sep 2026 06:38 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 05 Sep 2026 06:38 PM IST
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जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निकायों को दिए सख्त निर्देश
ऋषिकेश। शहर में लावारिस पशुओं और पालतू कुत्तों के बेहतर प्रबंधन के लिए डीएम डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी नगर निकायों को लावारिस पशुओं और कुत्तों का विस्तृत सर्वे कराकर डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के कड़े निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि इसी डेटा के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण और टीकाकरण किया जाएगा। इसके साथ ही पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने और डोईवाला व ऋषिकेश में बंध्याकरण केंद्रों के लिए जमीन के चयन का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। सड़कों पर घूमते गोवंश को तुरंत कांजीहाउस भेजने और उन्हें लावारिस छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग्स का बंध्याकरण हो चुका है और 1,117 पालतू कुत्तों के लाइसेंस जारी किए गए हैं। वहीं, केदारपुरम व सेलाकुई कांजीहाउस में 883 निराश्रित गोवंश को संरक्षित किया गया है और मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया है।
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ऋषिकेश। शहर में लावारिस पशुओं और पालतू कुत्तों के बेहतर प्रबंधन के लिए डीएम डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी नगर निकायों को लावारिस पशुओं और कुत्तों का विस्तृत सर्वे कराकर डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के कड़े निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि इसी डेटा के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण और टीकाकरण किया जाएगा। इसके साथ ही पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने और डोईवाला व ऋषिकेश में बंध्याकरण केंद्रों के लिए जमीन के चयन का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। सड़कों पर घूमते गोवंश को तुरंत कांजीहाउस भेजने और उन्हें लावारिस छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग्स का बंध्याकरण हो चुका है और 1,117 पालतू कुत्तों के लाइसेंस जारी किए गए हैं। वहीं, केदारपुरम व सेलाकुई कांजीहाउस में 883 निराश्रित गोवंश को संरक्षित किया गया है और मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया है।