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नौनिहालों का भविष्य संवार रही शिक्षिका

Sun, 01 May 2016 01:27 AM IST
हेमवती नंदन भ्ाट्ट /अमर उजाला, ऋषिकेश
हेमवती नंदन भ्ाट्ट /अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Sun, 01 May 2016 01:27 AM IST
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Naunihalon shape the future of the teache
बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका हेमलता बलूनी - फोटो : अमर उजाला

सरकारी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था का हाल किसी से छुपा नहीं है। उचित शैक्षणिक माहौल और अन्य कई कमियों के कारण सरकारी स्कूल में बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पाती है। इस चीज को समझते हुए एक शिक्षिका अपने विद्यालय के बच्चों का शैक्षणिक स्तर बढ़ाने के लिए करीब पांच साल से उन्हें स्कूल से इतर अपने घर पर निशुल्क कोचिंग दे रही हैं।

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यही नहीं, कुछ महीनों से वह अपने विद्यालय के बच्चों के अलावा आसपास के अन्य स्कूलों के गरीब पृष्ठभूमि के बच्चों को निशुल्क पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध करा रही हैं। ऐसी शख्सियत हैं द्वारीखाल प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय उतिंड की शिक्षिका हेमलता बलूनी।  
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उनका कहना है कि अपने स्कूल के बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत बनाने के लिए उन्होंने लगभग पांच साल पहले छात्रों को निशुल्क क्लास देना शुरू किया। वह समय समय पर लंबे विद्यालयी अवकाश से इतर नियमित रूप से कक्षाएं संचालित कर रही हैं। इस कक्षा में कभी विद्यालय के सभी बच्चे शामिल होते हैं तो कभी-कभी कुछ बच्चे ही शामिल हो पाते हैं।
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शिक्षिका हेमलता ने बताया कि उन्होंने अपने स्कूल की पांचों कक्षाओं के सभी बच्चों के लिए यह क्लास शुरू की है। जिसमें विभिन्न कक्षाओं के बच्चे मन मुताबिक पढ़ने के लिए आते हैं। इस कक्षा को शुरू करने का उद्देश्य पढ़ाई में कमजोर बच्चों की बुनियादी शिक्षा सुदृढ़ बनाना है, जिससे वह बड़ी कक्षाओं में जाने के बाद ठीक से शिक्षा ग्रहण कर सकें ।  


गरीब बच्चों को निशुल्क पाठ्य सामग्री  
शिक्षिका हेमलता ने बताया कि उन्होंने करीब तीन महीने पहले विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत गरीब परिवारों के बच्चों को निशुल्क पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराना शुरू किया है। उन्होंने बताया कि वह द्वारीखाल ब्लॉक के पुल्यासू और ठंठोली संकुल के अंतर्गत पड़ने वाले आधे दर्जन से अधिक विद्यालयों के बच्चों को रोस्टर प्रणाली के तहत शिक्षण सामग्री उपलब्ध करा चुकी हैं। आगे भी नियमित रूप से गरीब बच्चों को प्रोत्साहन के तौर पर जरूरी सामग्री उपलब्ध कराएंगी।  

 

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