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मेघनाद ने शक्ति बाण से लक्ष्मण को किया मूर्छित
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रायवाला में आयोजित रामलीला में अशोक वाटिका का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : RISHIKESH
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श्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी की रामलीला में 10वें दिन सुलोचना महल और लक्ष्मण शक्ति की लीला का मंचन किया गया। लक्ष्मण शक्ति की लीला के दौरान युद्धभूमि में जब लक्ष्मण पर मेघनाद का बस न चल सका तो उसने शक्ति बाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया। इससे रामादल में कोहराम मच गया।
बनखंडी में आयोजित रामलीला में रविवार को सुलोचना महल में दिखाया गया कि मेघनाद की पत्नी सुलोचना अपने महल में पति का इंतजार करती है, जब उसे पता चलता है कि मेघनाद युद्ध भूमि में जाने से पूर्व महल में आ रहा है तो वह थोड़ा डर जाती है और पति की दीर्घायु की कामना करती है। इसके बाद दोनों के बीच सुंदर प्रसंग का मंचन किया गया। वहीं, लक्ष्मण शक्ति में दिखाया गया कि मेघनाद जब छल कपट से भी लक्ष्मण को पराजित नहीं कर पाता है तो वह हनुमान की आड़ में युद्ध करने का आरोप लगाता है। लक्ष्मण हनुमान को दूसरे स्थान पर जाकर युद्ध करने को कहते हैं। हनुमान दूसरी जगह चले जाते हैं। तभी मेघनाद शक्ति बाण से लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है और लक्ष्मण को मरा हुआ जानकर युद्ध भूमि से चला जाता है।
हनुमान लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में लेकर रामादल जाते है, वहां कोहराम मच जाता है। इसके बाद सुषेन वैद्य की मदद से संजीवनी भूमि का पता चलता है इसे हनुमान लेकर आते है और तब लक्ष्मण को होश आता है। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, निर्देशक मनमीत कुमार, रोहताश पाल, हुकुमचंद, सुरेन्द्र कुमार, दीपक जोशी, राजेश दिवाकर, अशोक मौर्य, संजय शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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सोने की लंका में हनुमान ने लगाई आग
श्री भरत रामलीला दशहरा कमेटी के रंगमंच की लीला का शुभारंभ सिख समाज ऋषिकेश, जाट महासभा ऋषिकेश, सिंधी बिरादरी ऋषिकेश के पदाधिकारियों ने हनुमान की आरती कर किया। रविवार को विशेष प्रकार के इफेक्ट से अशोक वाटिका का दृश्य दिखाया गया। यहां रावण सीता के पास आकर उसे एक माह तक का समय देता है। इसके बाद रामदूत हनुमान सीता की खोज करते वाटिका आते हैं और अशोक वाटिका के फल खाकर अपनी भूख शांत करते है। इसके बाद वहां रावण के पुत्र अक्षय कुमार आता है तो वह उसे मार देते हैं। इसके बाद मेघनाद हनुमान को पकड़कर रावण के दरबार में ले जाता है। यहां हनुमान रावण को काफी समझाने का प्रयास करते है। मगर, अहंकारी रावण हनुमान की पूंछ पर आग लगाने का आदेश देता है। जब हनुमान की पूंछ पर आग लग जाती है तो वह समस्त लंका में भी आग लगा देते है। इस मौके पर प्रधान संचालक कुंवरपाल प्रजापति, कमेटी चेयरमैन रवि कुमार जैन, कमेटी अध्यक्ष विकास तेवतिया, निर्देशक विजय गोस्वामी, मंच संचालक प्रमोद चौधरी, रजत शर्मा, आलोक चावला, सुुुशील प्रजापति, मधु जोशी आदि उपस्थित रहे।
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हनुमान ने लंका को किया तहस नहस
रायवाला। श्रीरामलीला कमेठी रायवाला के मंच पर हनुमान के रामदूत बन रावण की लंक़ा पहुंचने और वहां सीता से मिलने और लंका दहन की लीला का सुंदर मंचन किया गया। रविवार की रात्रि हनुमान चौक में आयोजित रामलीला में दर्शकों की खचाखच भीड़ से भरे पंडाल में हनुमान के रावण की लंका पहुंचने और वहां अशोक वाटिका में मचाए उत्पात के मंचन ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। नियमित आरती के बाद मंचन के पहले चरण में हनुमान और राक्षसों के बीच हुए द्वंद्व का प्रदर्शन किया गया। लंका में राम नाप का जप कर रहे विभीषण को देख हनुमान हैरान हो गए। इसके बाद अशोक वाटिका में कैद सीता माता को भगवान राम की अंगूठी भेंट की। इसके बाद लंका दहन की लीला का मंचन किया गया।
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बनखंडी में आयोजित रामलीला में रविवार को सुलोचना महल में दिखाया गया कि मेघनाद की पत्नी सुलोचना अपने महल में पति का इंतजार करती है, जब उसे पता चलता है कि मेघनाद युद्ध भूमि में जाने से पूर्व महल में आ रहा है तो वह थोड़ा डर जाती है और पति की दीर्घायु की कामना करती है। इसके बाद दोनों के बीच सुंदर प्रसंग का मंचन किया गया। वहीं, लक्ष्मण शक्ति में दिखाया गया कि मेघनाद जब छल कपट से भी लक्ष्मण को पराजित नहीं कर पाता है तो वह हनुमान की आड़ में युद्ध करने का आरोप लगाता है। लक्ष्मण हनुमान को दूसरे स्थान पर जाकर युद्ध करने को कहते हैं। हनुमान दूसरी जगह चले जाते हैं। तभी मेघनाद शक्ति बाण से लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है और लक्ष्मण को मरा हुआ जानकर युद्ध भूमि से चला जाता है।
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हनुमान लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में लेकर रामादल जाते है, वहां कोहराम मच जाता है। इसके बाद सुषेन वैद्य की मदद से संजीवनी भूमि का पता चलता है इसे हनुमान लेकर आते है और तब लक्ष्मण को होश आता है। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, निर्देशक मनमीत कुमार, रोहताश पाल, हुकुमचंद, सुरेन्द्र कुमार, दीपक जोशी, राजेश दिवाकर, अशोक मौर्य, संजय शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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सोने की लंका में हनुमान ने लगाई आग
श्री भरत रामलीला दशहरा कमेटी के रंगमंच की लीला का शुभारंभ सिख समाज ऋषिकेश, जाट महासभा ऋषिकेश, सिंधी बिरादरी ऋषिकेश के पदाधिकारियों ने हनुमान की आरती कर किया। रविवार को विशेष प्रकार के इफेक्ट से अशोक वाटिका का दृश्य दिखाया गया। यहां रावण सीता के पास आकर उसे एक माह तक का समय देता है। इसके बाद रामदूत हनुमान सीता की खोज करते वाटिका आते हैं और अशोक वाटिका के फल खाकर अपनी भूख शांत करते है। इसके बाद वहां रावण के पुत्र अक्षय कुमार आता है तो वह उसे मार देते हैं। इसके बाद मेघनाद हनुमान को पकड़कर रावण के दरबार में ले जाता है। यहां हनुमान रावण को काफी समझाने का प्रयास करते है। मगर, अहंकारी रावण हनुमान की पूंछ पर आग लगाने का आदेश देता है। जब हनुमान की पूंछ पर आग लग जाती है तो वह समस्त लंका में भी आग लगा देते है। इस मौके पर प्रधान संचालक कुंवरपाल प्रजापति, कमेटी चेयरमैन रवि कुमार जैन, कमेटी अध्यक्ष विकास तेवतिया, निर्देशक विजय गोस्वामी, मंच संचालक प्रमोद चौधरी, रजत शर्मा, आलोक चावला, सुुुशील प्रजापति, मधु जोशी आदि उपस्थित रहे।
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हनुमान ने लंका को किया तहस नहस
रायवाला। श्रीरामलीला कमेठी रायवाला के मंच पर हनुमान के रामदूत बन रावण की लंक़ा पहुंचने और वहां सीता से मिलने और लंका दहन की लीला का सुंदर मंचन किया गया। रविवार की रात्रि हनुमान चौक में आयोजित रामलीला में दर्शकों की खचाखच भीड़ से भरे पंडाल में हनुमान के रावण की लंका पहुंचने और वहां अशोक वाटिका में मचाए उत्पात के मंचन ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। नियमित आरती के बाद मंचन के पहले चरण में हनुमान और राक्षसों के बीच हुए द्वंद्व का प्रदर्शन किया गया। लंका में राम नाप का जप कर रहे विभीषण को देख हनुमान हैरान हो गए। इसके बाद अशोक वाटिका में कैद सीता माता को भगवान राम की अंगूठी भेंट की। इसके बाद लंका दहन की लीला का मंचन किया गया।

भरत विहार में आयोजित रामलीला में लंका दहन की लीला को एलईडी स्क्रीन पर दिखाया गया।- फोटो : RISHIKESH

बनखंडी में आयोजित रामलीला में लक्ष्मण शक्ति का मंचन करते कलाकार।- फोटो : RISHIKESH