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Rishikesh News: सड़क सुविधा नहीं होने से कई परिवार कर गए गांव से पलायन
Fri, 07 Mar 2025 01:10 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 07 Mar 2025 01:10 AM IST
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यमकेश्वर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टोला के ग्रामीण आजादी के बाद से सड़क सुविधा की बाट जोह रहे है। प्रदेश को बने हुए करीब 24 वर्ष का समय बीत गया है, लेकिन आज तक इस गांव में सड़क नहीं पहुंची। सड़क सुविधा नहीं होने से तोक गांव दलमोगी खाली होने के कगार पर पहुंच चुका है। अब यहां मात्र चार से पांच परिवार ही रह गए हैं।
ग्राम पंचायत टोला में करीब 40 से 45 परिवार रहते हैं। गांव के तोक दलमोगी में करीब 20 से 25 परिवार रहते थे। इसके अलावा गांव के तोक तुरेड़ा में छह से सात परिवार रहते हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को दो से तीन किमी दूर मुख्य सड़क तक पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। सड़क सुविधा नहीं होने से दलमोगी में अब मात्र चार से पांच परिवार रह गए हैं। टोला गांव में भी कई परिवार पलायन कर चुके हैं।
स्थानीय ग्रामीण हरेंद्र सिंह, सुखदेव सिंह, मंगल सिंह, चंद्रमोहन सिंह, सुभाष सिंह, रमेश चंद्र, महेश चंद्र ने बताया कि सरकार ने गांव-गांव में सड़क का मकड़जाल बिछा दिया है। जिन गांवों में सड़क नहीं पहुंची है उस गांवों के लिए योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, लेकिन ग्राम पंचायत टोला गांव ऐसा है जहां आज तक सड़क नहीं पहुंची है।
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लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जनप्रतिनिधि गांव में सड़क सुविधा का आश्वासन देकर वोट मांगते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि इस गांव की सुध लेने नहीं पहुंचते हैं। कई बार ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से गांव में सड़क निर्माण की योजना बनाई थी, लेकिन आसपास क्षेत्र में अन्य गांवों की सीमा होने से इसमें लगातार रुकावट आ रही है। शासन प्रशासन से मांग करते हैं कि इस गांव में सड़क निर्माण करने के लिए सख्ती से कार्रवाई हो, जिससे ग्रामीणों का सड़क सुविधा मिल सके। गांव में सड़क निर्माण नहीं होता तो एक-दो साल के अंतराल में पूरा गांव पलायन हो जाएगा।
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कोट
स्थानीय ग्रामीण गांव में सड़क निर्माण के लिए पत्र तैयार कर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि को भेंजे। संभव हो तो सीएम पोर्टल पर भी इसकी शिकायत कर सकते हैं। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आते ही कार्रवाई हो सकती है। - अनिल चन्याल, एसडीएम यमकेश्वर
ग्राम पंचायत टोला में करीब 40 से 45 परिवार रहते हैं। गांव के तोक दलमोगी में करीब 20 से 25 परिवार रहते थे। इसके अलावा गांव के तोक तुरेड़ा में छह से सात परिवार रहते हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को दो से तीन किमी दूर मुख्य सड़क तक पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। सड़क सुविधा नहीं होने से दलमोगी में अब मात्र चार से पांच परिवार रह गए हैं। टोला गांव में भी कई परिवार पलायन कर चुके हैं।
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स्थानीय ग्रामीण हरेंद्र सिंह, सुखदेव सिंह, मंगल सिंह, चंद्रमोहन सिंह, सुभाष सिंह, रमेश चंद्र, महेश चंद्र ने बताया कि सरकार ने गांव-गांव में सड़क का मकड़जाल बिछा दिया है। जिन गांवों में सड़क नहीं पहुंची है उस गांवों के लिए योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, लेकिन ग्राम पंचायत टोला गांव ऐसा है जहां आज तक सड़क नहीं पहुंची है।
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लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जनप्रतिनिधि गांव में सड़क सुविधा का आश्वासन देकर वोट मांगते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि इस गांव की सुध लेने नहीं पहुंचते हैं। कई बार ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से गांव में सड़क निर्माण की योजना बनाई थी, लेकिन आसपास क्षेत्र में अन्य गांवों की सीमा होने से इसमें लगातार रुकावट आ रही है। शासन प्रशासन से मांग करते हैं कि इस गांव में सड़क निर्माण करने के लिए सख्ती से कार्रवाई हो, जिससे ग्रामीणों का सड़क सुविधा मिल सके। गांव में सड़क निर्माण नहीं होता तो एक-दो साल के अंतराल में पूरा गांव पलायन हो जाएगा।
कोट
स्थानीय ग्रामीण गांव में सड़क निर्माण के लिए पत्र तैयार कर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि को भेंजे। संभव हो तो सीएम पोर्टल पर भी इसकी शिकायत कर सकते हैं। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आते ही कार्रवाई हो सकती है। - अनिल चन्याल, एसडीएम यमकेश्वर