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तपोवन से लगाव के कारण बची कृष्णा की जान
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रानीपोखरी में पत्नी, मां और तीन बेटियों की हत्या केे आरोपी महेश तिवारी की सबसे बड़ी बेटी कृष्णा बचपन से ही तपोवन में ताऊ उमेश तिवारी के घर में बुआ श्याम भवानी के साथ रहती है। ताऊ उमेश का तपोवन में ‘ऋषिकेश स्कूल ऑफ योगा’ के नाम से योगशाला है। कृष्णा को तपोवन को शांत वातावरण बहुत पसंद है। वह अपने पिता के घर त्योहार या किसी खास मौके पर ही जाती थी।
कृष्णा (15) कैलासगेट स्थित ओमकारानंद सरस्वती निलियम विद्यालय (ओएसएन) में दसवीं में पढ़ती है। उसकी बहन अपर्णा (13) भी इसी क्लास में थी। प्रधानाचार्य राजेश सिंह रौतेला ने बताया कि अपर्णा बेहद शांत स्वभाव की थी। कृष्णा का स्वभाव अन्य बच्चों की तरह है। दोनों बहनों का अनुशासन ठीक था। दोनों ने विद्यालय प्रशासन और शिक्षक को कभी अपने घर के बारे में ऐसा कुछ नहीं बताया। कभी ऐसा लगा ही नहीं कि दोनों परेशान हैं। अपर्णा रानीपोखरी से आती-जाती थी। सोमवार को कृष्णा तो स्कूल आई लेकिन अपर्णा नहीं पहुंची। करीब 10 बजे रानीपोखरी से उनके कुछ लोग आए और कृष्णा को सिर्फ मां की मौत की सूचना दी। हालांकि, उसने उनके साथ जाने से मना कर दिया। विद्यालय प्रबंधन ने कृष्णा की बुआ को जब फोन किया तो उन्होंने घटना की पुष्टि की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश सिंह रौतेला ने बताया कि छात्रा की मौत से पूरा विद्यालय परिवार स्तब्ध है। शोक में 31 अगस्त को स्कूल में अवकाश रहेगा। उन्होंने बताया कि स्कूल की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी।
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अपर्णा अपने पिता महेश तिवारी के साथ स्कूटी से स्कूल आती थी। कुछ दिन पहले अपर्णा की फीस जमा करने महेश स्कूल आया था। उस दौरान महेश का व्यवहार सामान्य लग रहा था।
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कृष्णा (15) कैलासगेट स्थित ओमकारानंद सरस्वती निलियम विद्यालय (ओएसएन) में दसवीं में पढ़ती है। उसकी बहन अपर्णा (13) भी इसी क्लास में थी। प्रधानाचार्य राजेश सिंह रौतेला ने बताया कि अपर्णा बेहद शांत स्वभाव की थी। कृष्णा का स्वभाव अन्य बच्चों की तरह है। दोनों बहनों का अनुशासन ठीक था। दोनों ने विद्यालय प्रशासन और शिक्षक को कभी अपने घर के बारे में ऐसा कुछ नहीं बताया। कभी ऐसा लगा ही नहीं कि दोनों परेशान हैं। अपर्णा रानीपोखरी से आती-जाती थी। सोमवार को कृष्णा तो स्कूल आई लेकिन अपर्णा नहीं पहुंची। करीब 10 बजे रानीपोखरी से उनके कुछ लोग आए और कृष्णा को सिर्फ मां की मौत की सूचना दी। हालांकि, उसने उनके साथ जाने से मना कर दिया। विद्यालय प्रबंधन ने कृष्णा की बुआ को जब फोन किया तो उन्होंने घटना की पुष्टि की।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश सिंह रौतेला ने बताया कि छात्रा की मौत से पूरा विद्यालय परिवार स्तब्ध है। शोक में 31 अगस्त को स्कूल में अवकाश रहेगा। उन्होंने बताया कि स्कूल की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी।
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अपर्णा अपने पिता महेश तिवारी के साथ स्कूटी से स्कूल आती थी। कुछ दिन पहले अपर्णा की फीस जमा करने महेश स्कूल आया था। उस दौरान महेश का व्यवहार सामान्य लग रहा था।