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महीनेभर से सिर्फ तारीख पर तारीख
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश।
Updated Sat, 03 Dec 2016 12:49 AM IST
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मजिस्ट्रट कोर्ट नहीं लगने से इस तरह चस्पा हो रहे दिवार पर नोटिस।
- फोटो : amar ujala
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मंगलवार, बुधवार और फिर शुक्रवार, महीनेभर से एसडीएम कोर्ट से वादकारियों को सिर्फ तारीख ही मिल रही है। राजस्व मामलों के निपटारे की आस में आने वाले वादी इस कोर्ट से निराशा लौट रहे हैं। सुनवाई के बाबत कोर्ट के नोटिस बोर्ड पर हर बार उन्हें नई तारीख लिखी मिलती है। इससे कोर्ट में फाइलों का बोझ बढ़ता जा रहा है।
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शुक्रवार को राजस्व से जुड़े 25 मामलों की सुनवाई होनी थी। कोर्ट परिसर के बाहर मुकदमे से संबंधित पक्ष और अधिवक्ता भी पहुंचे, लेकिन हर बार की तरह नोटिस बोर्ड पर सुनवाई की अगली तारीख लिखी थी। सुनवाई की आस में कोर्ट पहुंचे लोगों और अधिवक्ताआें का कहना था कि करीब महीनेभर से उन्हें ऐसी ही फजीहत उठानी पड़ रही है।
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आने-जाने और अन्य खर्चों का बोझ बढ़ने के साथ समय की बर्बादी हो रही है। तहसील की एसडीएम कोर्ट का यह हाल एक महीने से है। सूत्रों के मुताबिक फौजदारी, राजस्व और भू परिवर्तन (143) के करीब 300 से अधिक मामले लंबित हैं। कोर्ट लग नहीं रही और वादकारी चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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कभी पेशकार छुट्टी पर तो कभी एसडीएम की छुट्टी या उनके वीआईपी ड्यूटी का हवाला देकर तारीख बढ़ाई जा रही है। हैरत की बात यह कि कोर्ट कब लगेगी यह भी स्पष्ट नहीं है। दरअसल यह समस्या एसडीम के आदेश पर अमल न होने के कारण है। बीमारी के चलते पेशकार लंबी छुट्टी पर चले गए।
इसके बाद दून तबादला हो गया। एसडीएम कोर्ट प्रभावित होने का संज्ञान लेकर एडीएम प्रशासन ने 18 नवंबर को नायब नाजिर को पेशकार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा, लेकिन पखवाड़ाभर हो चुका है। इस आदेश पर अभी तक अमल नहीं हो सका है।