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बच्चेदानी के कैंसर को रोकने के लिए महिलाओं का जागरुक होना जरुरी

Wed, 15 Sep 2021 01:29 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 01:29 AM IST
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It is important for women to be aware to prevent cervical cancer
एम्स में आयोजित दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभांरभ करती स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो.जया - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में स्त्री रोग विभाग की ओर से नर्सिंग ऑफिसरों के लिए महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर स्क्रिनिंग ट्रेनिंग का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात नर्सिंग ऑफिसर प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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मंगलवार को एम्स के संकायाध्यक्ष शैक्षणिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने महिलाओं में सर्वाधिक पाया जाने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए उनकी नियमित तौर पर स्क्रिनिंग पर जोर दिया। कहा राज्य सरकार को महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी इस बीमारी से इसके उपचार व रोकथाम को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सैना ने बताया कि महिलाओं को बच्चेदानी के कैंसर की रोकथाम के लिए स्वयं जागरूक होने व दूसरों को भी जागरूक करने की जरूरत है। दुनियाभर में लगभग 1.5 लाख महिलाएं प्रतिवर्ष इस कैंसर से ग्रसित हो जाती हैं। जागरुकता की कमी, समय पर उपचार नहीं मिलने और अन्य वजहों से इनमें से करीब 40 फीसदी महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। ऐसे मामलों को कम करने के लिए महिलाओं से नियमिततौर पर अपनी स्क्रिनिंग करनी चाहिए। प्रशिक्षण कार्यशाला की समन्वयक व एम्स के स्त्री रोग विभाग की कैंसर शल्य चिकित्सक डॉ. शालिनी राजाराम ने महिलाओं से बच्चेदानी के कैंसर की रोकथाम के लिए समय-समय पर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने व इसके लिए उपलब्ध वैक्सीन की डोज लगाने को कहा। कहा महिलाओं की जागरुकता से ही सर्विक्स कैंसर का खात्मा हो सकता है।
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इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी, गायनी विभाग की डॉ. रूबी गुप्ता, डॉ. कविता खोईवाल, डॉ. लतिका चावला, सीएफएम विभाग के डॉ. अजीत भदौरिया, अस्पताल प्रशासन से डॉ. पूजा भदौरिया, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य जैवियर वैल्सियाल, एएनएस कमलेश चंद्र आदि थे।
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