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भारत ने किया रिकार्ड कच्चे और तैयार इस्पात का उत्पादन - केंद्रीय इस्पात मंत्री
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परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचे केंद्रीय इस्पात मंत्री राम प्रसाद सिंह ने कहा कि भारत ने इस्पात धातु के उत्पादन और निर्यात में ऐतिहासिक स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2021-22 में 120 मिलियन टन से अधिक कच्चे इस्पात और 113.6 मिलियन टन तैयार इस्पात के रिकॉर्ड उत्पादन किया। वहीं 13.5 मिलियन टन तैयार इस्पात का निर्यात भी किया है।
रविवार को केंद्रीय इस्पात मंत्री राम प्रसाद सिंह सपरिवार ऋषिकेश पहुंचे। यहां उन्होंने परमार्थ निकेतन आश्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने सपरिवार परमार्थ गंगा आरती में प्रतिभाग किया। इस दौरान सभी ने जल संरक्षण का संकल्प लिया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि नदियां जीविकादायिनी, जीवनदायिनी एवं मोक्षदायिनी हैं, उनका संरक्षण ही विकास का प्रथम सोपान है। वर्तमान समय में हम सभी को यह सोचने की जरूरत है कि हमारे आसपास की नदियां कैसी थी, कैसी हो गई और उन्हें कैसे रखना है। यह हम सब को सोचना होगा तथा इसके लिए सरकार के साथ समाज के सभी वर्गों को अपनी जिम्मेदारी समझनी और निभानी होगी। सभी को नदियों और पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।
केंद्रीय मंत्री राम प्रसाद सिंह ने कहा कि अक्तूबर 2021 तक भारत 9.8 मीट्रिक टन के उत्पादन के साथ कच्चे इस्पात का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक रहा है। वित्तीय वर्ष 2022 जनवरी तक कच्चे इस्पात उत्पादन 98.39 मीट्रिक टन था। जबकि तैयार इस्पात का उत्पादन 92.82 मीट्रिक टन था। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान भारत में इस्पात की प्रति व्यक्ति खपत 10 प्रतिशत बढ़कर 77 किग्रा प्रति व्यक्ति हो गई।
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रविवार को केंद्रीय इस्पात मंत्री राम प्रसाद सिंह सपरिवार ऋषिकेश पहुंचे। यहां उन्होंने परमार्थ निकेतन आश्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने सपरिवार परमार्थ गंगा आरती में प्रतिभाग किया। इस दौरान सभी ने जल संरक्षण का संकल्प लिया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि नदियां जीविकादायिनी, जीवनदायिनी एवं मोक्षदायिनी हैं, उनका संरक्षण ही विकास का प्रथम सोपान है। वर्तमान समय में हम सभी को यह सोचने की जरूरत है कि हमारे आसपास की नदियां कैसी थी, कैसी हो गई और उन्हें कैसे रखना है। यह हम सब को सोचना होगा तथा इसके लिए सरकार के साथ समाज के सभी वर्गों को अपनी जिम्मेदारी समझनी और निभानी होगी। सभी को नदियों और पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।
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केंद्रीय मंत्री राम प्रसाद सिंह ने कहा कि अक्तूबर 2021 तक भारत 9.8 मीट्रिक टन के उत्पादन के साथ कच्चे इस्पात का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक रहा है। वित्तीय वर्ष 2022 जनवरी तक कच्चे इस्पात उत्पादन 98.39 मीट्रिक टन था। जबकि तैयार इस्पात का उत्पादन 92.82 मीट्रिक टन था। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान भारत में इस्पात की प्रति व्यक्ति खपत 10 प्रतिशत बढ़कर 77 किग्रा प्रति व्यक्ति हो गई।
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