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Rishikesh News: हॉपलो कीट के हमले से 1700 पुराने पेड़ों पर खतरा
Sat, 25 Apr 2026 03:04 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 25 Apr 2026 03:04 AM IST
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थानो वन रेंज के अंतर्गत हॉपलो कीट ने कहर बरपाते हुए सैकड़ों वर्ष पुराने विशालकाय पेड़ों को खाकर सूखा दिया है। वन विभाग के पास अब इन पेड़ों को काटने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। वन विभाग ने एफआरआई के माध्यम से करीब 1700 पेड़ों के ग्रस्त होने को प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है। इनमें से ए और बी श्रेणी के करीब 300 पेड़ों को काटा जाना प्रस्तावित है। थानो वन रेंज पर प्रकृति काफी मेहरबान रही है। इस रेंज में मैदानी और पहाड़ी इलाकों में करीब 12 हजार हेक्टेयर का हरा भरा जंगल खड़ा है। इस जंगल में करीब पांच हजार हेक्टेयर में साल का सैकड़ों वर्ष पुराना जंगल है। जिसमें हजारों विशालकाय साल के वृक्ष मौजूद हैं। बाकी जंगल में बांज, रोहिणी, सागौन, शीशम, खैर और दूसरी प्रजाति का जंगल मौजूद है। पिछले वर्ष काफी बरसात हुई थी। बरसात में हॉपलो कीट ने सैकड़ों साल के वृक्षों पर हमला कर पेड़ों को सूखा दिया था। हालांकि वर्तमान में इसका असर कुछ कम हुआ है लेकिन हॉपलोग्रस्त सैकड़ों सूखे वृक्ष जंगल में खड़े हैं।इसे देखते हुए वन विभाग की ओर से एफआरआई के अध्ययन के बाद पेड़ों को काटने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस प्रस्ताव में साल के वृक्षों की कुल सात श्रेणियां तय की गई हैं। ए और बी श्रेणी के करीब 300 पेड़ों को काटा जाना प्रस्तावित है। वन विभाग बाकी पेड़ों को बचाने का प्रयास करेगा। पिछले वर्ष वन विभाग द्वारा करीब 17 हजार हॉपलो को पकड़कर नष्ट किया गया था। इस वर्ष बरसाती सीजन में फिर से हॉपलो पकड़ने का कार्य वन विभाग द्वारा करवाया जाएगा।