{"_id":"617072806bfb9622f165b04d","slug":"holy-stick-yatra-reaches-rishikesh-rishikesh-news-drn393937042","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी यात्रा ऋषिकेश पहुंची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी यात्रा ऋषिकेश पहुंची
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषिकेश। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े द्वारा निकाली गई प्राचीन पवित्र छड़ी यात्रा का ऋषिकेश पहुंची। मायाकुंड स्थित तारा माता मंदिर में मंदिर के श्रीमंहत संध्या गिरी के नेतृत्व में संतों ने स्वागत किया गया। यह यात्रा हरिद्वार से उत्तराखंड भ्रमण के लिए रवाना हुई है।
पवित्र छड़ी यात्रा का रात्रि विश्राम ऋषिकेश के तारा माता मंदिर में हुआ। यह यात्रा श्रीमहंत शिव दत्त गिरी, श्रीमहंत पुष्कर गिरी, थानापति कुश गिरी, श्रीमहंत विश्वंभर गिरी के नेतृत्व में पहुंची। छड़ी यात्रा के संयोजक शिवदत्त गिरी ने कहा कि इस यात्रा को निकाले जाने का उद्देश्य चारों धामों में की जा रही घुसपैठ के साथ आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित मंदिरों की आस्था को चोट पहुंचाए जाने का विरोध किया जाना भी है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे त्रिवेणी घाट पर पूजा अर्चना करने के बाद भरत मंदिर, काली मंदिर, बनखंडी महादेव मंदिर, सोमेश्वर मंदिर के बाद चंद्रेश्वर नगर स्थित चंदेश्वर मंदिर पहुंचेगी। सुबह 10 बजे यमुनोत्री के लिए प्रस्थान करेगी। प्रदेेश के प्रमुख तीर्थों का भ्रमण कर 10 नवंबर को वापस मायादेवी मंदिर हरिद्वार पहुंचेगी। स्वागत करने वालों में पंडित अशोक, महाकाल गिरी, प्रेम गिरी, गंभीर सिंह मेवाड़ आदि थे।
विज्ञापन
पवित्र छड़ी यात्रा का रात्रि विश्राम ऋषिकेश के तारा माता मंदिर में हुआ। यह यात्रा श्रीमहंत शिव दत्त गिरी, श्रीमहंत पुष्कर गिरी, थानापति कुश गिरी, श्रीमहंत विश्वंभर गिरी के नेतृत्व में पहुंची। छड़ी यात्रा के संयोजक शिवदत्त गिरी ने कहा कि इस यात्रा को निकाले जाने का उद्देश्य चारों धामों में की जा रही घुसपैठ के साथ आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित मंदिरों की आस्था को चोट पहुंचाए जाने का विरोध किया जाना भी है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे त्रिवेणी घाट पर पूजा अर्चना करने के बाद भरत मंदिर, काली मंदिर, बनखंडी महादेव मंदिर, सोमेश्वर मंदिर के बाद चंद्रेश्वर नगर स्थित चंदेश्वर मंदिर पहुंचेगी। सुबह 10 बजे यमुनोत्री के लिए प्रस्थान करेगी। प्रदेेश के प्रमुख तीर्थों का भ्रमण कर 10 नवंबर को वापस मायादेवी मंदिर हरिद्वार पहुंचेगी। स्वागत करने वालों में पंडित अशोक, महाकाल गिरी, प्रेम गिरी, गंभीर सिंह मेवाड़ आदि थे।
विज्ञापन