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होली और गुलाल देखो, राजनीति में भूचाल देखो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Thu, 24 Mar 2016 03:04 AM IST
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होली मिलन समारोह में हास्य कवियों ने प्रदेश की राजनीति पर कसे तंज
- फोटो : amar ujala
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पहाड़ के गांधी स्व. इंद्रमणि बड़ोनी की स्मृति में उत्तराखंड विकास मंच की ओर से चौदह बीघा, मुनिकीरेती में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। इसमें गायकों और रचनाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। लोगों ने रात तक साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया।
बुधवार को समारोह की शुरुआत गायक रमेश उनियाल ने जय मां कुंजापुरी वंदना प्रस्तुति से की। इस मौके पर नन्हे-मुन्हें बच्चों ने स्याली बंप्पाली... गढ़वाली गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। आवाज साहित्यिक संस्था की ओर से साहित्यिक प्रस्तुतियां दी गईं। कवयित्री शांति ठाकुर ने आया होली का त्योहार, सब मिलें लुटाएं प्यार.., सत्येंद्र चौहान ने लोग ब्वना छन बौल्या ह्वैगे लाटू, सुदामा अपुतैं चिदांदू कान्हो., मोहम्मद आलम मुसाफिर ने होली पर पैगाम है, भाई चारे का.., डॉ. सुनील थपलियाल ने फागुन छेड़ रहा सरगम, इंद्र धनुष सी धरा हुई.., धीरेंद्र रांगड़ ने होली और गुलाल देखो, राजनीति में भूचाल देखो, हरक का कमाल देखो, नेता मालामाल देखो..रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं की तालियां बटोरी।
आवाज के अध्यक्ष अशोक क्रेजी ने होली तो होली है, प्यार से मनाओ तुम, दुश्मनी को भूलकर गले लगाओ तुम.., नरेंद्र रयाल ने मैै भारत मां के श्री चरणों में दीप जलाने आया हूं...., रामकृष्ण पोखरियाल ने जब घोड़ा लात चलाता हो, नेता गुस्सा हो जाता हो, सत्ता बेपर्दा हो जाए, कोई विमान से उड़ जाए.. रचना के जरिए उत्तराखंड के वर्तमान राजनीतिक हालातों की तस्वीर बयां की। लोक गायक धूम सिंह रावत, विनोज विजल्वाण और विनोद सती ने सांस्कृतिक सांध्या में समां बांध दी।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व दरजाधारी राज्य मंत्री ज्ञान सिंह नेगी, समारोह के संयोजक मुकेश पाठक, सुरेश भंडारी, दर्शनी भंडारी, बीना जोशी, डा. राजे नेगी, प्रकाश बिजल्वाण, कुंवर सिंह राणा, रोशन रतूड़ी आदि मौजूद थे।
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बुधवार को समारोह की शुरुआत गायक रमेश उनियाल ने जय मां कुंजापुरी वंदना प्रस्तुति से की। इस मौके पर नन्हे-मुन्हें बच्चों ने स्याली बंप्पाली... गढ़वाली गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। आवाज साहित्यिक संस्था की ओर से साहित्यिक प्रस्तुतियां दी गईं। कवयित्री शांति ठाकुर ने आया होली का त्योहार, सब मिलें लुटाएं प्यार.., सत्येंद्र चौहान ने लोग ब्वना छन बौल्या ह्वैगे लाटू, सुदामा अपुतैं चिदांदू कान्हो., मोहम्मद आलम मुसाफिर ने होली पर पैगाम है, भाई चारे का.., डॉ. सुनील थपलियाल ने फागुन छेड़ रहा सरगम, इंद्र धनुष सी धरा हुई.., धीरेंद्र रांगड़ ने होली और गुलाल देखो, राजनीति में भूचाल देखो, हरक का कमाल देखो, नेता मालामाल देखो..रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं की तालियां बटोरी।
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आवाज के अध्यक्ष अशोक क्रेजी ने होली तो होली है, प्यार से मनाओ तुम, दुश्मनी को भूलकर गले लगाओ तुम.., नरेंद्र रयाल ने मैै भारत मां के श्री चरणों में दीप जलाने आया हूं...., रामकृष्ण पोखरियाल ने जब घोड़ा लात चलाता हो, नेता गुस्सा हो जाता हो, सत्ता बेपर्दा हो जाए, कोई विमान से उड़ जाए.. रचना के जरिए उत्तराखंड के वर्तमान राजनीतिक हालातों की तस्वीर बयां की। लोक गायक धूम सिंह रावत, विनोज विजल्वाण और विनोद सती ने सांस्कृतिक सांध्या में समां बांध दी।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व दरजाधारी राज्य मंत्री ज्ञान सिंह नेगी, समारोह के संयोजक मुकेश पाठक, सुरेश भंडारी, दर्शनी भंडारी, बीना जोशी, डा. राजे नेगी, प्रकाश बिजल्वाण, कुंवर सिंह राणा, रोशन रतूड़ी आदि मौजूद थे।