{"_id":"6adf475ae4baec0a250c7822","slug":"healthcare-services-in-the-health-minister-home-constituency-in-a-dismal-state-patients-left-helpless-due-to-a-shortage-of-doctors-rishikesh-news-c-38-1-rks1010-148127-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में सेवाएं बेहाल, डॉक्टरों की कमी से मरीज लाचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में सेवाएं बेहाल, डॉक्टरों की कमी से मरीज लाचार
Mon, 26 Oct 2026 05:58 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 26 Oct 2026 05:58 PM IST
विज्ञापन
- नरेंद्रनगर उपजिला अस्पताल में छह माह से खाली है बाल रोग विशेषज्ञ का पद
-रेडियोलॉजिस्ट की सीमित सेवाओं से मरीज परेशान
मंत्री के घर के द्वार, इलाज को मरीज लाचार
- स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में बच्चों के उपचार के लिए भटक रहे अभिभावक, सामान्य बीमारियों में भी 16 से 20 किलोमीटर दूर ऋषिकेश जाने की मजबूरी
ऋषिकेश। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के गृह क्षेत्र नरेंद्रनगर में ही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सवालों के घेरे में है। श्रीदेव सुमन उपजिला अस्पताल में कहीं विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है, तो कहीं उपलब्ध संसाधनों के बावजूद जांच सुविधाएं नियमित रूप से नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में बीते करीब छह माह से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है, जबकि स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के बावजूद मरीजों को सप्ताह में केवल तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल रही है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से बच्चों के उपचार की जिम्मेदारी अभिभावकों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। खांसी-जुकाम, बुखार और पेट दर्द जैसी सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए भी अभिभावकों को बच्चों को लेकर 16 से 20 किलोमीटर दूर ऋषिकेश जाना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका समय और पैसा खर्च हो रहा है, बल्कि बीमार बच्चों को इलाज के लिए अतिरिक्त सफर भी करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर बाल रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता नहीं होने से अस्पताल पहुंचने वाले अभिभावकों को दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। नरेंद्रनगर के प्रमुख सरकारी अस्पताल में लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त रहना और अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधा का सीमित दिनों तक उपलब्ध होना स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करता है। स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में ही मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सक और नियमित जांच सुविधा के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की शीघ्र तैनाती और अल्ट्रासाउंड की नियमित सुविधा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि बच्चों सहित अन्य मरीजों को स्थानीय स्तर पर समय पर उपचार मिल सके और उन्हें छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी दूसरे शहरों की दौड़ न लगानी पड़े।
रेडियोलॉजिस्ट तैनात, फिर भी तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड
अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के बावजूद अल्ट्रासाउंड की सुविधा सप्ताह के केवल तीन दिन ही मिल पा रही है। शेष चार दिन यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ता है या दूसरे केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इससे उन मरीजों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं, जिन्हें समय पर जांच कराकर आगे का उपचार शुरू कराना होता है।
विज्ञापन
- उपजिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के संबंध में शासनादेश प्राप्त हुआ है। जल्द ही अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ तैनाती ले लेंगे। वहीं, जिला अस्पताल में स्थाई रेडियोलॉजिस्ट के लिए शासन से पत्राचार जारी है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद उपजिला अस्पताल में नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। - डा. राम प्रकाश, मुख्य चिकित्साधिकारी, टिहरी।
विज्ञापन
-रेडियोलॉजिस्ट की सीमित सेवाओं से मरीज परेशान
मंत्री के घर के द्वार, इलाज को मरीज लाचार
- स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में बच्चों के उपचार के लिए भटक रहे अभिभावक, सामान्य बीमारियों में भी 16 से 20 किलोमीटर दूर ऋषिकेश जाने की मजबूरी
ऋषिकेश। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के गृह क्षेत्र नरेंद्रनगर में ही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सवालों के घेरे में है। श्रीदेव सुमन उपजिला अस्पताल में कहीं विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है, तो कहीं उपलब्ध संसाधनों के बावजूद जांच सुविधाएं नियमित रूप से नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में बीते करीब छह माह से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है, जबकि स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के बावजूद मरीजों को सप्ताह में केवल तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल रही है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से बच्चों के उपचार की जिम्मेदारी अभिभावकों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। खांसी-जुकाम, बुखार और पेट दर्द जैसी सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए भी अभिभावकों को बच्चों को लेकर 16 से 20 किलोमीटर दूर ऋषिकेश जाना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका समय और पैसा खर्च हो रहा है, बल्कि बीमार बच्चों को इलाज के लिए अतिरिक्त सफर भी करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर बाल रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता नहीं होने से अस्पताल पहुंचने वाले अभिभावकों को दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। नरेंद्रनगर के प्रमुख सरकारी अस्पताल में लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त रहना और अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधा का सीमित दिनों तक उपलब्ध होना स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करता है। स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में ही मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सक और नियमित जांच सुविधा के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की शीघ्र तैनाती और अल्ट्रासाउंड की नियमित सुविधा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि बच्चों सहित अन्य मरीजों को स्थानीय स्तर पर समय पर उपचार मिल सके और उन्हें छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी दूसरे शहरों की दौड़ न लगानी पड़े।
विज्ञापन
रेडियोलॉजिस्ट तैनात, फिर भी तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड
अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के बावजूद अल्ट्रासाउंड की सुविधा सप्ताह के केवल तीन दिन ही मिल पा रही है। शेष चार दिन यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ता है या दूसरे केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इससे उन मरीजों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं, जिन्हें समय पर जांच कराकर आगे का उपचार शुरू कराना होता है।
विज्ञापन
- उपजिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के संबंध में शासनादेश प्राप्त हुआ है। जल्द ही अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ तैनाती ले लेंगे। वहीं, जिला अस्पताल में स्थाई रेडियोलॉजिस्ट के लिए शासन से पत्राचार जारी है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद उपजिला अस्पताल में नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। - डा. राम प्रकाश, मुख्य चिकित्साधिकारी, टिहरी।