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विश्व स्वास्थ्य दिवस से संबंधित
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ऋषिकेश। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर) के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग में वर्चुअल माध्यम से छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में एम्स ऋषिकेश के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संतोष कुमार और योगाचार्य कीर्तिपाल सिंह तोमर ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर छात्र-छात्राओं को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जानकारी दी। मेडिकल लैब टैक्नोलॉजी विभाग के कोआर्डिनेटर प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य दिवस सात अप्रैल 1950 को पहली बार मनाया गया था। इस दिवस का उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता पैदा करना है। प्राचार्य प्रो. पंकज पंत ने कहा कि मेडिकल के छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए। एम्स ऋषिकेश के डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस का दूसरा दौर शुरू हो गया है, जिसमे हमें और सावधानी की जरूरत है। अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें, शारीरिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग अवश्य करें। इस अवसर पर एमएलटी विभाग की फैकल्टी शालिनी कोटियाल, देवेंद्र भट्ट, अर्जुन पालीवाल और पवन कुमार आदि उपस्थित थे।
‘बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बनानी होगी’
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर परमार्थ निकेतन में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके लिए सभी धर्माचार्यों को आमंत्रित किया गया। इस मौके पर स्वामी चिदानंद ने कहा कि कोरोना ने पूरी दुनिया को प्रभावित कर दिया है। अब जरूरत है कि असमानताओं और भेदभाव से ऊपर उठकर सभी की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बनाना और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना। जो लोग कोविड-19 से प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाने से अनुकूल परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। स्वस्थ रहने के लिए अपने प्रतिदिन के भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ आदि संतुलित भोजन और पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी है।
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कार्यक्रम में एम्स ऋषिकेश के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संतोष कुमार और योगाचार्य कीर्तिपाल सिंह तोमर ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर छात्र-छात्राओं को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जानकारी दी। मेडिकल लैब टैक्नोलॉजी विभाग के कोआर्डिनेटर प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य दिवस सात अप्रैल 1950 को पहली बार मनाया गया था। इस दिवस का उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता पैदा करना है। प्राचार्य प्रो. पंकज पंत ने कहा कि मेडिकल के छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए। एम्स ऋषिकेश के डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस का दूसरा दौर शुरू हो गया है, जिसमे हमें और सावधानी की जरूरत है। अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें, शारीरिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग अवश्य करें। इस अवसर पर एमएलटी विभाग की फैकल्टी शालिनी कोटियाल, देवेंद्र भट्ट, अर्जुन पालीवाल और पवन कुमार आदि उपस्थित थे।
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‘बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बनानी होगी’
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर परमार्थ निकेतन में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके लिए सभी धर्माचार्यों को आमंत्रित किया गया। इस मौके पर स्वामी चिदानंद ने कहा कि कोरोना ने पूरी दुनिया को प्रभावित कर दिया है। अब जरूरत है कि असमानताओं और भेदभाव से ऊपर उठकर सभी की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बनाना और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना। जो लोग कोविड-19 से प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाने से अनुकूल परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। स्वस्थ रहने के लिए अपने प्रतिदिन के भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ आदि संतुलित भोजन और पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी है।
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