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वनकर्मियों पर शराब माफियाओं को शह देने का आरोप
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वन विभाग पर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : RISHIKESH
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मंसा देवी, भट्टोवाला और श्यामपुर के ग्रामीणों ने क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने और वनकर्मियों पर शराब माफियाओं को शह देने का आरोप लगाते हुए वन क्षेत्राधिकारी आरपीएस नेगी को ज्ञापन भी सौंपा है। मंगलवार को समाज सेवी राजेंद्र प्रसाद गैरोला के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं ने वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचकर वन विभाग प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अवैध रूप से नशे का कारोबार काफी फल फूल रहा है। इससे आए दिन गांवों का माहौल खराब हो रहा है और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र में चल रहे अवैध नशे के कारोबार को देखते हुए कई बार ग्रामीणों की ओर से आंदोलन भी चलाया गया। ग्रामीणों ने जंगलों में जाकर कच्ची शराब की भट्टियां भी तोड़ीं। इसके बावजूद भी शराब माफिया अवैध कारोबार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। शराब के विरुद्घ आंदोलन चलाने वालों को नशे के कारोबारियों की ओर से जानमाल का खतरा बना हुआ है। उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी से ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में देवेंद्र राणा, लालमणि रतूड़ी, दर्शनी उनियाल, भामा देवी, पूर्णा देवी, शांति देवी, विनिता रावत, बीरा देवी, बसंती देवी, रोशनी उनियाल, लक्ष्मी पैन्यूली, सुशीला देवी, सरोजनी थपलियाल, कमला रावत, सीता देवी, सरोजनी देवी, अमरा देवी, सरिता रावत, ममता देवी आदि मौजूद थे।
वनकर्मियों पर माफियाओं को शह देने का आरोप
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने वन विभाग के कर्मचारियों पर शराब माफियाओं को शह देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जंगलों में घास पत्ती के लिए भी जाना दूभर हो गया है। पूरे जंगलों में शराब माफियाओं ने अपना कब्जा जमा लिया है। इतना ही नहीं उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों पर महिलाओं के साथ गाली गलौच करने का भी आरोप लगाया है। महिलाओं ने कहा कि यदि वनकर्मियों ने शराब माफियाओं को शह देनी बंद नहीं की तो किसी भी दिन महिलाएं कर्मियों की वर्दी तक फाड़ देंगी।
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क्षेत्र में चल रहे अवैध नशे के कारोबार को देखते हुए कई बार ग्रामीणों की ओर से आंदोलन भी चलाया गया। ग्रामीणों ने जंगलों में जाकर कच्ची शराब की भट्टियां भी तोड़ीं। इसके बावजूद भी शराब माफिया अवैध कारोबार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। शराब के विरुद्घ आंदोलन चलाने वालों को नशे के कारोबारियों की ओर से जानमाल का खतरा बना हुआ है। उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी से ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में देवेंद्र राणा, लालमणि रतूड़ी, दर्शनी उनियाल, भामा देवी, पूर्णा देवी, शांति देवी, विनिता रावत, बीरा देवी, बसंती देवी, रोशनी उनियाल, लक्ष्मी पैन्यूली, सुशीला देवी, सरोजनी थपलियाल, कमला रावत, सीता देवी, सरोजनी देवी, अमरा देवी, सरिता रावत, ममता देवी आदि मौजूद थे।
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वनकर्मियों पर माफियाओं को शह देने का आरोप
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने वन विभाग के कर्मचारियों पर शराब माफियाओं को शह देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जंगलों में घास पत्ती के लिए भी जाना दूभर हो गया है। पूरे जंगलों में शराब माफियाओं ने अपना कब्जा जमा लिया है। इतना ही नहीं उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों पर महिलाओं के साथ गाली गलौच करने का भी आरोप लगाया है। महिलाओं ने कहा कि यदि वनकर्मियों ने शराब माफियाओं को शह देनी बंद नहीं की तो किसी भी दिन महिलाएं कर्मियों की वर्दी तक फाड़ देंगी।
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