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विदेशी पर्यटक ने जाना तीर्थनगरी की प्राकृतिक सुंदरता
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विदेशी पर्यटक की ओर से संत सेवा आश्रम में बच्चों द्वारा बनाई गई प्रदर्शनी।
- फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। फ्रांस के विदेशी पर्यटक मैथ्यू पिकॉल्ट ने तीन महीने तीर्थनगरी में रहकर यहां की नैसर्गिक सुंदरता का लुत्फ उठाया। विदेशी पर्यटक लक्ष्मणझूला के संत सेवा आश्रम में रहकर बीते 3 महीनों से योगाभ्यास कर यहां की प्राकृतिक नजारे से अभिभूत हो रहे हैं। प्रकृति के नजारे को उन्होंने जीवंत करने के लिए संतसेवा आश्रम में दो दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया।
रविवार को आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी तीर्थनगरी के चित्रकारों ने अपने द्वारा बनाई गई चित्रकला की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में प्राकृतिक चित्रों के जीवंत दर्शन हुए। प्रदर्शनी में छोटे से लेकर बड़े चित्रकारों ने अपने हुनर का जलवा बिखेरा। प्रदर्शनी में विदेशी पर्यटकों ने चित्रकारों के हुनर की जमकर प्रशंसा की।
विदेशी पर्यटक मैथ्यू ने बताया कि इस प्रदर्शनी में उनका साथ उनकी सहयोगी स्नेल ने भी दिया है। उन दोनों को उपाय सूझा की हम चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कर यहां के चित्रकारों के हुनर को एक साथ देखने का मौका मिलेगा। यहां के चित्रकारों की ओर से बनाई गई चित्रकारी को वह सोशल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाएंगे। कहा लॉकडाउन में अभी अंतरराष्ट्रीय सेवाएं बंद हैं। फरवरी तक उनका वीजा है। उसके बाद वह अपने वीजा को रिनुअल करायेंगे। उनका लक्ष्य तीर्थनगरी में रहकर लोगों की सेवा करना है। इस ओर उनका प्रयास जारी है।
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रविवार को आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी तीर्थनगरी के चित्रकारों ने अपने द्वारा बनाई गई चित्रकला की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में प्राकृतिक चित्रों के जीवंत दर्शन हुए। प्रदर्शनी में छोटे से लेकर बड़े चित्रकारों ने अपने हुनर का जलवा बिखेरा। प्रदर्शनी में विदेशी पर्यटकों ने चित्रकारों के हुनर की जमकर प्रशंसा की।
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विदेशी पर्यटक मैथ्यू ने बताया कि इस प्रदर्शनी में उनका साथ उनकी सहयोगी स्नेल ने भी दिया है। उन दोनों को उपाय सूझा की हम चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कर यहां के चित्रकारों के हुनर को एक साथ देखने का मौका मिलेगा। यहां के चित्रकारों की ओर से बनाई गई चित्रकारी को वह सोशल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाएंगे। कहा लॉकडाउन में अभी अंतरराष्ट्रीय सेवाएं बंद हैं। फरवरी तक उनका वीजा है। उसके बाद वह अपने वीजा को रिनुअल करायेंगे। उनका लक्ष्य तीर्थनगरी में रहकर लोगों की सेवा करना है। इस ओर उनका प्रयास जारी है।
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