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Rishikesh News: लाइसेंस जारी होने से पहले बाजारों में सजने लगीं पटाखों की दुकानें
Wed, 04 Nov 2026 07:15 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 04 Nov 2026 07:15 PM IST
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- प्रशासन की बैठक में तय हुए नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां
- 100 से अधिक विक्रेताओं ने किया अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन, लेकिन अनुमति मिलने से पहले ही बाजारों में शुरू हुई तैयारियां
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखों की बिक्री से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ऋषिकेश। दीपावली से पहले तीर्थनगरी के बाजार बारूद के ढेर पर नजर आने लगे हैं। पटाखों की बिक्री के लिए अभी प्रशासन की ओर से केवल आवेदन करने वाले 100 से अधिक विक्रेताओं की सूची जारी की गई है, जबकि अस्थायी लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। इसके बावजूद बाजारों में पटाखों की दुकानें सजने लगी हैं। ऐसे में घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संभावित हादसों को लेकर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दरअसल, दीपावली को लेकर आयोजित बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पटाखों की दुकानें भीड़भाड़ वाले बाजारों में नहीं लगेंगी। अस्थायी लाइसेंस केवल प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थानों पर ही जारी किए जाएंगे। इसके बावजूद क्षेत्र मार्ग, लाजपतराय मार्ग, तिलक रोड, घाट रोड और मुखर्जी मार्ग पर दुकानें सजने की तैयारी है।
नियमों की अनदेखी से हादसे का खतरा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल लाइसेंस भरत मंदिर मैदान के लिए जारी किए जाते हैं, लेकिन पटाखों की बिक्री बाजारों के बीचोंबीच होती है। संकरी गलियों और घनी आबादी के बीच पटाखों का भंडारण व बिक्री आगजनी और विस्फोट जैसी घटनाओं का कारण बन सकती है। हादसा होने पर दमकल वाहनों को भी मौके तक पहुंचने में मुश्किल होगी।
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बैठक में पुलिस ने भी दुकानों के बाहर अव्यवस्थित तरीके से पटाखों की बिक्री को बड़ा खतरा बताया था। ऐसे में सवाल है कि लाइसेंस प्रक्रिया पूरी होने से पहले बाजारों में सजती दुकानों पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा।
इंसेट-
धरातल पर पूरी तरह फेल हैं सुरक्षा मानक
बाजारों में सुरक्षा मानकों का पालन बिल्कुल भी होता नजर नहीं आ रहा है। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि दुकानों पर रखे गए अग्निशमन यंत्रों की डेट एक्सपायर हो चुकी है। जो आपात स्थिति में किसी काम नहीं आ पाएंगे। घनी आबादी वाले इन बाजारों में आग लगने या विस्फोट जैसी घटना होती है। तो इसकी चपेट में आसपास की कई दुकानों के आने की आशंका है।
कोट-
पटाखों की दुकानों के लाइसेंस के लिए 100 से अधिक आवेदन आए हैं लेकिन अभी लाइसेंस जारी नहीं किए गए हैं। - कुमकुम जोशी, एसडीए ऋषिकेश
कोट-
पटाखों के बाजार का निरीक्षण किया जा रहा है। अनियमितता पाए जाने पर रिर्पोट बनाकर एसडीएम को भेजी जाएगी। - अशोक कुमार, प्रभारी अधिकारी, अग्निशमन विभाग ऋषिकेश
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- 100 से अधिक विक्रेताओं ने किया अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन, लेकिन अनुमति मिलने से पहले ही बाजारों में शुरू हुई तैयारियां
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखों की बिक्री से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ऋषिकेश। दीपावली से पहले तीर्थनगरी के बाजार बारूद के ढेर पर नजर आने लगे हैं। पटाखों की बिक्री के लिए अभी प्रशासन की ओर से केवल आवेदन करने वाले 100 से अधिक विक्रेताओं की सूची जारी की गई है, जबकि अस्थायी लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। इसके बावजूद बाजारों में पटाखों की दुकानें सजने लगी हैं। ऐसे में घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संभावित हादसों को लेकर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दरअसल, दीपावली को लेकर आयोजित बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पटाखों की दुकानें भीड़भाड़ वाले बाजारों में नहीं लगेंगी। अस्थायी लाइसेंस केवल प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थानों पर ही जारी किए जाएंगे। इसके बावजूद क्षेत्र मार्ग, लाजपतराय मार्ग, तिलक रोड, घाट रोड और मुखर्जी मार्ग पर दुकानें सजने की तैयारी है।
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नियमों की अनदेखी से हादसे का खतरा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल लाइसेंस भरत मंदिर मैदान के लिए जारी किए जाते हैं, लेकिन पटाखों की बिक्री बाजारों के बीचोंबीच होती है। संकरी गलियों और घनी आबादी के बीच पटाखों का भंडारण व बिक्री आगजनी और विस्फोट जैसी घटनाओं का कारण बन सकती है। हादसा होने पर दमकल वाहनों को भी मौके तक पहुंचने में मुश्किल होगी।
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बैठक में पुलिस ने भी दुकानों के बाहर अव्यवस्थित तरीके से पटाखों की बिक्री को बड़ा खतरा बताया था। ऐसे में सवाल है कि लाइसेंस प्रक्रिया पूरी होने से पहले बाजारों में सजती दुकानों पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा।
इंसेट-
धरातल पर पूरी तरह फेल हैं सुरक्षा मानक
बाजारों में सुरक्षा मानकों का पालन बिल्कुल भी होता नजर नहीं आ रहा है। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि दुकानों पर रखे गए अग्निशमन यंत्रों की डेट एक्सपायर हो चुकी है। जो आपात स्थिति में किसी काम नहीं आ पाएंगे। घनी आबादी वाले इन बाजारों में आग लगने या विस्फोट जैसी घटना होती है। तो इसकी चपेट में आसपास की कई दुकानों के आने की आशंका है।
कोट-
पटाखों की दुकानों के लाइसेंस के लिए 100 से अधिक आवेदन आए हैं लेकिन अभी लाइसेंस जारी नहीं किए गए हैं। - कुमकुम जोशी, एसडीए ऋषिकेश
कोट-
पटाखों के बाजार का निरीक्षण किया जा रहा है। अनियमितता पाए जाने पर रिर्पोट बनाकर एसडीएम को भेजी जाएगी। - अशोक कुमार, प्रभारी अधिकारी, अग्निशमन विभाग ऋषिकेश