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Rishikesh News: पेराई सत्र समाप्ति का नोटिस चस्पा होने से किसान निराश
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Iगन्ना समिति अध्यक्ष ने कहा, खेतों में खड़ा है गन्ना, चीनी मिल को नहीं देंगे एनओसी
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Iकिसान समय से पहले गन्ने की बुआई करने को मजबूरI
चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त करने के दूसरा नोटिस चस्पा होने के बाद जौलीग्रांट, भानियावाला, कालूवाला, बड़ोंवाला, रानीपोखरी क्षेत्र के किसान समय से पहले ही खेतों में गन्ने की बुआई करने लगे हैं। इस बार चीनी मिल में डेढ़ माह पूर्व ही पेराई सत्र समाप्त करने का नोटिस लगा दिया है।
गन्ना समिति अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने कहा कि सैकड़ों किसानों के खेतों में गन्ना खड़ा है। बावजूद डोईवाला मिल प्रशासन ने पेराई सत्र पूरा होने की लगभग घोषणा कर दी है। जिससे किसान निराश हैं। किसान बारिश में भी गन्ने की बुआई कर रहे हैं। जिससे किसानों को नुकसान होगा। कहा कि जब तक क्षेत्र में खेतों में गन्ना खड़ा है समिति चीनी मिल को एनओसी नहीं देगी। उनकी गन्ना समिति से 5500 रेगुलर किसान और 8400 दूसरे किसान जुड़े हुए हैं। जौलीग्रांट के किसान आदेश कृषाली ने बताया कि गन्ने की बुआई के लिए तापमान अनुकूल होना चाहिए। पेराई सत्र डेढ़ माह पूर्व समाप्त होने से किसान बारिश में ही गन्ने की बुआई करने को मजबूर हैं। जिससे गन्ना की पैदावार कम होगी और किसानों को नुकसान हो सकता है।
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Iकिसानों का हित सर्वोपरि है। चीनी मिल को गन्ना कम मिल रहा है। मिल को संचालित करने में कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। - दिनेश प्रताप सिंह अधिशासी निदेशक चीनी मिलI
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Iकिसान समय से पहले गन्ने की बुआई करने को मजबूरI
चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त करने के दूसरा नोटिस चस्पा होने के बाद जौलीग्रांट, भानियावाला, कालूवाला, बड़ोंवाला, रानीपोखरी क्षेत्र के किसान समय से पहले ही खेतों में गन्ने की बुआई करने लगे हैं। इस बार चीनी मिल में डेढ़ माह पूर्व ही पेराई सत्र समाप्त करने का नोटिस लगा दिया है।
गन्ना समिति अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने कहा कि सैकड़ों किसानों के खेतों में गन्ना खड़ा है। बावजूद डोईवाला मिल प्रशासन ने पेराई सत्र पूरा होने की लगभग घोषणा कर दी है। जिससे किसान निराश हैं। किसान बारिश में भी गन्ने की बुआई कर रहे हैं। जिससे किसानों को नुकसान होगा। कहा कि जब तक क्षेत्र में खेतों में गन्ना खड़ा है समिति चीनी मिल को एनओसी नहीं देगी। उनकी गन्ना समिति से 5500 रेगुलर किसान और 8400 दूसरे किसान जुड़े हुए हैं। जौलीग्रांट के किसान आदेश कृषाली ने बताया कि गन्ने की बुआई के लिए तापमान अनुकूल होना चाहिए। पेराई सत्र डेढ़ माह पूर्व समाप्त होने से किसान बारिश में ही गन्ने की बुआई करने को मजबूर हैं। जिससे गन्ना की पैदावार कम होगी और किसानों को नुकसान हो सकता है।
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Iकिसानों का हित सर्वोपरि है। चीनी मिल को गन्ना कम मिल रहा है। मिल को संचालित करने में कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। - दिनेश प्रताप सिंह अधिशासी निदेशक चीनी मिलI
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