प्रयागराज की व्यंजना आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी संस्था और गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के संयुक्त प्रयास से मुनिकीरेेती स्थित गंगा रिसॉर्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरविषयी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन वक्ताओं ने गंगा पर अपने व्याख्यानों को प्रस्तुत किया। कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन सत्र के सत्र का शुभारंभ राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल ने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि गंगा का संरक्षण हमारा संरक्षण है। इसमें शासन और प्रशासन के साथ आम जनमानस की भागीदारी आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मौली कौशल नई दिल्ली ने कहा कि अपनी विरासत को समझने के लिए हमें अपने मूल श्रोतों को पढ़ना आवश्यक है। तभी हम गंगा की महिमा को समझा सकेंगे।
द्वितीय सत्र के वक्ता स्वामी अमितेश ने गंगा के आध्यात्मिक रूप पर व्याख्यान दिया। कैप्टन यशोवर्धन, श्रीराम गोपाल, निशा शर्मा, शुभा मालवीय, डॉ. अंजलिका शेखा, डॉ. मुकेश, डॉ. हर्षित वैय्यार, राजदेव मेहता, निशा यादव और रेनू शर्मा ने अपने व्याख्यानों से गंगा के आध्यात्मिक, दार्शनिक, आर्थिक, सामाजिक एवं साहित्यिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता नई दिल्ली से आए पंडित विजय शंकर मिश्र ने की। संस्था की सचिव डॉ. मधु शुक्ला ने कार्यक्रम में पहुंचने पर सभी को धन्यवाद दिया। इस मौके पर संस्था के उपाध्यक्ष राजेश मिश्र, अनिल शुक्ला, सुशील, सांभवी, डॉ पूनम मिश्र, श्रेयस आदि उपस्थित थे।