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Rishikesh: एम्स में हर दिन आते हैं कैंसर के 30 से 40 नए मरीज, जानें किस तरह महिलाओं और पुरुषों में बढ़ रहा

Sun, 04 Feb 2024 09:33 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Sun, 04 Feb 2024 09:33 AM IST
सार

स्तन कैंसर व बच्चेदानी के मुंह का कैंसर महिलाओं में बढ़ रहा है। वहीं एम्स ऑन्कोलॉजी विभाग के डाॅ. दीपक सुंद्रियाल ने बताया कि पुरुषों में मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।

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cervical cancer Breast cancer Every day 30 to 40 new cancer patients appear in AIIMS Rishikesh
एम्स ऋषिकेश - फोटो : RISHIKESH

विस्तार

एम्स ऋषिकेश में हर दिन करीब 30 से 40 कैंसर के नए मरीज आते हैं। जिनमें 5 से 6 महिलाएं स्तन कैंसर व 3 से 4 महिलाएं बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से पीड़ित होती हैं। एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि महिलाओं में स्तन कैंसर का प्रमुख कारण पाश्चात्य संस्कृति की ओर रुझान व जागरुकता की कमी है।

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देर से शादी, देर से गर्भधारण करना व बच्चे को स्तनपान न कराना स्तन कैंसर का प्रमुख कारण है। वहीं जागरुकता व जानकारी के अभाव में स्तन कैंसर लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2020 में स्तन कैंसर का आंकड़ा भारत में 2 लाख था। जिसकी 2025 तक 2 लाख 32 हजार होने की आशंका जताई गई है। वहीं बच्चेदानी के मुंह का कैंसर का आंकड़ा 75 हजार था, जिसकी 2025 तक 85 हजार होने की आशंका जताई गई है। यह आंकड़े नेशनल सेंटर फाॅर डिजीज इनफोरमेटिक एंड रिसर्च बंगलूरू के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री के हैं।
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बच्चेदानी के मुंह के कैंसर के नहीं होते प्रारंभिक लक्षणI
एम्स गायनी विभाग की कैंसर विशेषज्ञ प्रो. शालिनी राजाराम कहती है कि बच्चेदानी के मुंह के कैंसर के प्रारंभिक लक्षण नहीं होते। जब मरीज में लक्षण दिखाई देने शुरू होते हैं तो वह एडवांस स्टेज का होता है। इस कैंसर से बचाव के लिए स्क्रीनिंग व टीकाकरण जरूरी है। हर महिला को 30 साल की उम्र पार करने के बाद नियमित रूप से स्क्रीनिंग करानी चाहिए। साथ ही 9 से 14 साल तक की आयु तक टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। यह उम्र टीकाकरण के लिए सबसे बेहतर है। लेकिन 26 साल की उम्र तक भी टीकाकरण कराया जा सकता है।
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कहा कि बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से बचाव के लिए टीका बाजार में उपलब्ध है। बच्चेदानी के मुंह का कैंसर का प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। इससे कोशिकाओं में बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से जननांगों पर मस्से या प्रीकैंसर या गर्भाशय ग्रीवा, योनि, वल्वा, गुदा के कैंसर होते हैं।

एम्स में होती है हर रोज स्क्रीनिंग
प्रो. शालिनी ने बताया कि एम्स के गायनी विभाग में पहुंचने वाली महिलाओं की स्कीनिंग की जाती है। यह सुविधा एम्स में पिछले वर्ष अगस्त माह से शुरू कर गई थी। अगस्त से दिसंबर तक 600 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई है। जिसमें करीब पांच फीसदी महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह का प्री कैंसर पाया गया। जिनका कि एम्स में उपचार चल रहा है।

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पुरुषों में बढ़ रहा मुंह का कैंसर
एम्स ऑन्कोलॉजी विभाग के डाॅ. दीपक सुंद्रियाल ने बताया कि पुरुषों में मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। एम्स में प्रतिदिन 6 से 7 मरीज मुंह के कैंसर के पहुंच रहे हैं। गुटखा व तंबाकू जनित उत्पादों का सेवन मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण है। युवा व अधिकांश पुरुष तंबाकू उत्पादों का बहुतायत में प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एम्स में अलग-अलग विभागों में प्रतिदिन 30 से 40 कैंसर के मरीज आते हैं।
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