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Rishikesh News: जेसीबी से अतिक्रमण किया ध्वस्त
Sat, 19 Jul 2025 12:56 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:56 AM IST
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वन विभाग शिवपुरी रेंज की ओर से तपोवन के बिलखेत क्षेत्र में एक होटल का अतिक्रमण ध्वस्त किया गया। होटल तक पहुंचने के लिए आरक्षित वन क्षेत्र में रोड और बरसाती नाले के ऊपर लिंटर डालकर पुलिया का निर्माण कर दिया गया था। होटल स्वामी के खिलाफ केस दर्ज कर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
शिवपुरी रेंजर विवेक जोशी ने बताया कि तपोवन तिराहा से पहले बिलखेत क्षेत्र में होटल संचालक की ओर से आरक्षित वन भूमि में मार्ग का निर्माण कर दिया गया था। बरसाती नाले पर अतिक्रमण कर उसके ऊपर लिंटर डाल दिया गया था।
कुछ दिन पहले वन विभाग को सूचना मिली थी कि मुनिकीरेती के आरक्षित वन में एक होटल स्वामी की ओर से संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए कटिंग की जा रही है। वन विभाग के कर्मचारियों की ओर से अतिक्रमण न करने के लिए चेतावनी दी गई।
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अतिक्रमण को स्वयं हटाने के लिए होटल स्वामी को समय दिया गया था लेकिन होटल स्वामी पर चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ। अतिक्रमण लगातार जारी रहा। शुक्रवार को अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।
रेंजर विवेक जोशी ने बताया कि संबंधित होटल स्वामी के खिलाफ आरक्षित वन में अतिक्रमण के प्रयास करने के कारण भारतीय वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर दो लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। भविष्य में आरक्षित वन में अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई।
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रोड कटी, पुलिया बन गई, बीट अधिकारी मौन
होटल स्वामी ने रास्ता काट दिया। सीमेंट कंक्रीट वाली सड़क बना दी। पुलिया का निर्माण हो गया। होटल का पिलर भी आरक्षित वन भूमि में लगा दिया लेकिन निर्माण की शुरुआत में बीट अधिकारी ने यह सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी। पक्का निर्माण होने के बाद वन विभाग को अतिक्रमण हटाने की याद आई।
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घुगत्याणी क्षेत्र में राजस्व भूमि में बन गए कई होटल
अपर तपोवन क्षेत्र, घुगत्याणी में कई होटल संचालकों ने राजस्व भूमि पर अपने होटल बना दिए हैं। बताया जा रहा है कि जा रहा है कि होटल की पीछे की ओर का हिस्सा तो नाप खेत में है, आगे का हिस्सा राजस्व भूमि में बना दिया गया है। कई होटल के आगे राजस्व भूमि को भरान कर दिया गया। राजस्व विभाग भी सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर मौन है। विभागीय अधिकारियों ने कभी इन होटलों की वास्तविक जमीन और बनाए गए होटल के क्षेत्रफल की जांच करने की जहमत नहीं उठाई। नाले खाले में पिलर बनाकर सड़क बना दी गई।
शिवपुरी रेंजर विवेक जोशी ने बताया कि तपोवन तिराहा से पहले बिलखेत क्षेत्र में होटल संचालक की ओर से आरक्षित वन भूमि में मार्ग का निर्माण कर दिया गया था। बरसाती नाले पर अतिक्रमण कर उसके ऊपर लिंटर डाल दिया गया था।
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कुछ दिन पहले वन विभाग को सूचना मिली थी कि मुनिकीरेती के आरक्षित वन में एक होटल स्वामी की ओर से संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए कटिंग की जा रही है। वन विभाग के कर्मचारियों की ओर से अतिक्रमण न करने के लिए चेतावनी दी गई।
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अतिक्रमण को स्वयं हटाने के लिए होटल स्वामी को समय दिया गया था लेकिन होटल स्वामी पर चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ। अतिक्रमण लगातार जारी रहा। शुक्रवार को अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।
रेंजर विवेक जोशी ने बताया कि संबंधित होटल स्वामी के खिलाफ आरक्षित वन में अतिक्रमण के प्रयास करने के कारण भारतीय वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर दो लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। भविष्य में आरक्षित वन में अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई।
रोड कटी, पुलिया बन गई, बीट अधिकारी मौन
होटल स्वामी ने रास्ता काट दिया। सीमेंट कंक्रीट वाली सड़क बना दी। पुलिया का निर्माण हो गया। होटल का पिलर भी आरक्षित वन भूमि में लगा दिया लेकिन निर्माण की शुरुआत में बीट अधिकारी ने यह सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी। पक्का निर्माण होने के बाद वन विभाग को अतिक्रमण हटाने की याद आई।
घुगत्याणी क्षेत्र में राजस्व भूमि में बन गए कई होटल
अपर तपोवन क्षेत्र, घुगत्याणी में कई होटल संचालकों ने राजस्व भूमि पर अपने होटल बना दिए हैं। बताया जा रहा है कि जा रहा है कि होटल की पीछे की ओर का हिस्सा तो नाप खेत में है, आगे का हिस्सा राजस्व भूमि में बना दिया गया है। कई होटल के आगे राजस्व भूमि को भरान कर दिया गया। राजस्व विभाग भी सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर मौन है। विभागीय अधिकारियों ने कभी इन होटलों की वास्तविक जमीन और बनाए गए होटल के क्षेत्रफल की जांच करने की जहमत नहीं उठाई। नाले खाले में पिलर बनाकर सड़क बना दी गई।