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Rishikesh News: साक्ष्य-आधारित नर्सिंग प्रैक्टिस को बढ़ावा देने पर जोर
Mon, 06 Jul 2026 07:24 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 06 Jul 2026 07:24 PM IST
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एम्स में क्लिनिकल नर्सों के कौशल विकास के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। क्लिनिकल नर्सों में अनुसंधान संबंधी ज्ञान एवं कौशल को सुदृढ़ करने तथा साक्ष्य-आधारित नर्सिंग प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम्स में पांच दिवसीय कार्यशाला सोमवार से शुरू हो गई। पहले दिन विशेषज्ञों ने एविडेंस बेस्ड प्रैक्टिस को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सोमवार को कार्यशाला का शुभारंभ निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि साक्ष्य आधारित अभ्यास वह प्रक्रिया है जो परिभाषित करती है कि रोगियों को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल किस प्रकार उपलब्ध हो सके। मुख्य नर्सिंग अधिकारी डाॅ. अनिता रानी कंसल ने बताया कि संस्थान में नर्सिंग सर्विसेज के कंटिन्यूइंग नर्सिंग एजुकेशन सेल की ओर से क्लिनिकल नर्सों के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है जो अगले 5 दिनों तक संचालित होगी।
उन्होंने बताया कि इसका आयोजन रिसर्च मेथडोलॉजी फ्रॉम प्रपोजल टू पब्लिकेशन विषय पर किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह को डीन एकेडमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय, डीन रिसर्च प्रो. शैलेंद्र कुमार हांडू और काॅलेज ऑफ नर्सिंग की डॉ. जेवियर बेंसियाल आदि मौजूद रहे।
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ऋषिकेश। क्लिनिकल नर्सों में अनुसंधान संबंधी ज्ञान एवं कौशल को सुदृढ़ करने तथा साक्ष्य-आधारित नर्सिंग प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम्स में पांच दिवसीय कार्यशाला सोमवार से शुरू हो गई। पहले दिन विशेषज्ञों ने एविडेंस बेस्ड प्रैक्टिस को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सोमवार को कार्यशाला का शुभारंभ निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि साक्ष्य आधारित अभ्यास वह प्रक्रिया है जो परिभाषित करती है कि रोगियों को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल किस प्रकार उपलब्ध हो सके। मुख्य नर्सिंग अधिकारी डाॅ. अनिता रानी कंसल ने बताया कि संस्थान में नर्सिंग सर्विसेज के कंटिन्यूइंग नर्सिंग एजुकेशन सेल की ओर से क्लिनिकल नर्सों के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है जो अगले 5 दिनों तक संचालित होगी।
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उन्होंने बताया कि इसका आयोजन रिसर्च मेथडोलॉजी फ्रॉम प्रपोजल टू पब्लिकेशन विषय पर किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह को डीन एकेडमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय, डीन रिसर्च प्रो. शैलेंद्र कुमार हांडू और काॅलेज ऑफ नर्सिंग की डॉ. जेवियर बेंसियाल आदि मौजूद रहे।
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