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भट्टनगरी में हाथियों ने रौंदी किसानों की फसल
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ऋषिकेश। रानीपोखरी ग्रामसभा के भट्टनगरी गांव में जंगली हाथियों का कहर बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात हाथी मक्की की फसल को तहस-नहस कर दिया।
जंगल की सीमा से सटे होने के कारण किसान इन दिनों हाथी की आमद बढ़ने से परेशान हैं। इन दिनों मक्का, खीरा-तोरी, कद्दू, गन्ना, धान इत्यादि की फसल इन दिनों खेतों में लहलहा रही है। हाथी जंगल की सीमा से निकलकर आए दिन फसलों को रौंद रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से हाथी की आमद भट्टनगरी, लिस्ट्रापुर और रैनापुर में बनी हुई है। सोमवार देर रात भी हाथियों के झुंड ने रूकमणी देवी, फूला देवी, बिजेंद्र रावत आदि किसानों की फसल को रौंदकर तहस-नहस कर दिया। रूकमणी देवी ने बताया कि सोमवार रात हाथी उनके आंगन में पहुंच गए थे और घर के पास बोई मक्की की फसल को तहस-नहस कर दिया।
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क्षेत्र में जंगली हाथियों की आमद की सूचना हमें लगातार मिल रही है। बड़ा क्षेत्र होने के चलते हमारे पास इतना स्टाफ भी नहीं है कि हम हर गांव में रोज गश्त कर पाएं। फिर भी कोशिश की जा रही है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए। जिन किसानों की फसलों को जंगली जानवरों ने नुकसान पहुंचाया है, वे एक प्रर्थनापत्र के साथ नुकसान की फोटो और जमीन की खतौनी के साथ रेंज कार्यालय में मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।
-केशर नेगी, वन क्षेत्राधिकारी, बड़कोट रेंज
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जंगल की सीमा से सटे होने के कारण किसान इन दिनों हाथी की आमद बढ़ने से परेशान हैं। इन दिनों मक्का, खीरा-तोरी, कद्दू, गन्ना, धान इत्यादि की फसल इन दिनों खेतों में लहलहा रही है। हाथी जंगल की सीमा से निकलकर आए दिन फसलों को रौंद रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से हाथी की आमद भट्टनगरी, लिस्ट्रापुर और रैनापुर में बनी हुई है। सोमवार देर रात भी हाथियों के झुंड ने रूकमणी देवी, फूला देवी, बिजेंद्र रावत आदि किसानों की फसल को रौंदकर तहस-नहस कर दिया। रूकमणी देवी ने बताया कि सोमवार रात हाथी उनके आंगन में पहुंच गए थे और घर के पास बोई मक्की की फसल को तहस-नहस कर दिया।
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क्षेत्र में जंगली हाथियों की आमद की सूचना हमें लगातार मिल रही है। बड़ा क्षेत्र होने के चलते हमारे पास इतना स्टाफ भी नहीं है कि हम हर गांव में रोज गश्त कर पाएं। फिर भी कोशिश की जा रही है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए। जिन किसानों की फसलों को जंगली जानवरों ने नुकसान पहुंचाया है, वे एक प्रर्थनापत्र के साथ नुकसान की फोटो और जमीन की खतौनी के साथ रेंज कार्यालय में मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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-केशर नेगी, वन क्षेत्राधिकारी, बड़कोट रेंज