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बच्चों का हालचाल जानने एम्स पहुंचे शिक्षामंत्री
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एम्स के चिकित्सा अधीक्षक से वार्ता करते शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय
- फोटो : RISHIKESH
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टिहरी जिले के कंसारी लंबगांव मार्ग पर हुए हादसे में घायल बच्चों का हालचाल जानने के लिए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय दोपहर करीब डेढ़ बजे एम्स पहुंचे। यहां उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकों से घायलों की स्थिति जानी, और तीन बच्चों से बात करने की कोशिश की। उन्होंने चिकित्सकों और चिकित्सा अधीक्षक से बच्चों को बेहतर उपचार देने को कहा। चिकित्साधीक्षक डॉ. ब्रह्म प्रकाश ने घायल बच्चों की देखरेख के लिए प्रत्येक बेड पर एक-एक प्रोफेसर, दो-दो जूनियर चिकित्सक तथा एक-एक नर्स की ड्यूटी लगाई गई है।
शिक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हादसे में जो क्षति हुई है, उसका पूरी जिंदगी में भरपाई नहीं हो सकती है। फिर भी पीड़ित परिवार के सामने किसी भी प्रकार की आर्थिक समस्या आने नहीं दी जाएगी। वहीं एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि नौ वर्षीय प्रिंस पुत्र जसवीर, पांच वर्षीय ऋषभ पुत्र उमेद सिंह, सात वर्षीय अखिलेश पुत्र अरविंद, पांच वर्षीय कृष्णा पुत्र राकेश घायल हैं, जबकि सात वर्षीय सूरज पुत्र मनोज गंभीर रूप से घायल हैं।
वहीं देर शाम परिवहन मंत्री यशपाल आर्य भी एम्स पहुंचे और बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने पर संबंधित एआरटीओ को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि सड़क दुर्घटनाओं में केवल परिवहन विभाग ही दोषी नहीं होता है। इसके लिए अन्य संबद्ध विभाग भी जिम्मेदार होते हैं। विभाग के स्तर पर शुरुआती कार्रवाई तात्कालिक तौर पर कर दी गई है। आगे भी इस तरह की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। पीड़ितों की मदद के लिए सरकार सदैव तत्पर है। घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इस दौरान मेयर अनिता ममगाईं भी मौजूद रहीं।
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शिक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हादसे में जो क्षति हुई है, उसका पूरी जिंदगी में भरपाई नहीं हो सकती है। फिर भी पीड़ित परिवार के सामने किसी भी प्रकार की आर्थिक समस्या आने नहीं दी जाएगी। वहीं एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि नौ वर्षीय प्रिंस पुत्र जसवीर, पांच वर्षीय ऋषभ पुत्र उमेद सिंह, सात वर्षीय अखिलेश पुत्र अरविंद, पांच वर्षीय कृष्णा पुत्र राकेश घायल हैं, जबकि सात वर्षीय सूरज पुत्र मनोज गंभीर रूप से घायल हैं।
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वहीं देर शाम परिवहन मंत्री यशपाल आर्य भी एम्स पहुंचे और बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने पर संबंधित एआरटीओ को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि सड़क दुर्घटनाओं में केवल परिवहन विभाग ही दोषी नहीं होता है। इसके लिए अन्य संबद्ध विभाग भी जिम्मेदार होते हैं। विभाग के स्तर पर शुरुआती कार्रवाई तात्कालिक तौर पर कर दी गई है। आगे भी इस तरह की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। पीड़ितों की मदद के लिए सरकार सदैव तत्पर है। घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इस दौरान मेयर अनिता ममगाईं भी मौजूद रहीं।
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