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Rishikesh News: जंगल के खुले कैंप से जान को खतरा, आठ घटनाएं सबक

Tue, 20 Dec 2022 06:30 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 20 Dec 2022 06:30 AM IST
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Danger to life from the open camp of the forest, eight incidents lesson
नए साल के जश्न को लेकर हेंवलघाटी और शिवपुरी के जंगल कैंप एडवांस बुक हो चुके हैं। कई पर्यटक खुले में कैंप में लगाना पसंद करते हैं लेकिन जंगल के बीच खुले में कैंपिंग से हाथी के हमले का खतरा बना रहता है। दोनों क्षेत्रों में लगातार हाथी के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
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ऋषिकेश में राफ्टिंग और जंगल कैंपिंग का पर्यटकों में जबरदस्त क्रेज है। क्रिसमस और नए साल के जश्न को यादगार बनाने के लिए देश विदेश से पर्यटक ऋषिकेश पहुंचते हैं। हाल यह है कि इस समय हेंवलघाटी और शिवपुरी के अधिकांश जंगल कैंप एडवांस बुक हैं। नियमानुसार जंगल कैंप सामान्य और संरक्षित वन क्षेत्र से निर्धारित दूरी पर हैं लेकिन रोमांच के चक्कर में कई पर्यटक खुले में कैंपिंग करते हैं। कई बार पर्यटक बची हुई खाने की वस्तुएं भी जंगल कैंप के बाहर फेंक देते हैं। इसकी गंध से जंगली जानवर और खासकर हाथी कैंप तक चले आते हैं। यही नहीं जश्न के आनंद में डूबे पर्यटक देर शाम जंगल की ओर जाती पगडंडियों में चहलकदमी के लिए भी निकल पड़ते हैं। ऐसे में हाथी और पर्यटकों के आमने-सामने से हमले की आशंका भी बढ़ जाती। हालांकि कैंपो की सुरक्षा दीवार के भीतर भी खुले में कैंपिंग जैसी सुविधा उपलब्ध रहती है, जो बाहर खुले में कैंपिंग की बजाय अधिक सुरक्षित होती है।
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इन लोगों की गई जान
12 जून 2018 में हरियाणा के श्रद्धालु को नीलकंठ जाते हुए झिलमिल गुफा के पास हाथी ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
मार्च 2021 में हेंवलघाटी के फूलचट्टी के पटना वाटरफॉल के पास पौड़ी गढ़वाल के सतपुली के बाइक सवार युवक को हाथी ने पटक कर मार दिया। युवक जंगल रिसोर्ट में काम करता था।
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मार्च 2021 में स्वर्गाश्रम से नीलकंठ जा रहे अज्ञात श्रद्धालु को हाथी ने मार डाला।
सितंबर 2021 में शिवपुरी में गंगा के पास कैंपिंग कर रहे देहरादून के नेहरू पर्वतारोहण (निम) के छात्र को हाथी ने हमला कर मार दिया।
सितंबर 2021 में शिवपुरी के पास कैंप में काम करने वाले कर्मचारी पर हाथी ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। युवक का शव गंगा के किनारे मिला। आसपास हाथी के संघर्ष के निशान मिले थे।
फरवरी 2022 में स्वर्गाश्रम क्षेत्र में हाथी ने एक फक्कड़ को पटक कर मौत के घाट उतार दिया जबकि दूसरा फक्कड़ हमले में घायल हुआ।
अगस्त 2022 में शिवपुरी में हाथी ने टेंट में सो रहे मजदूरों के दल पर हमला किया। हाथी ने एक नेपाली मजदूर की जान ले ली।
22 फरवरी 2022 में हेंवलघाटी में फूलचट्टी के पास रात को एक बजे हाथी ने बिजनौर के एक व्यक्ति को मार दिया। आसपास की तीन दुकानें भी तोड़ दीं। एक पिकअप को पलट कर चालक को बाहर निकालने का प्रयास भी किया।

संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग की टीम लगातार गश्त करती है। संरक्षित वन क्षेत्र के आसपास के कैंप संचालकों को रात को पर्यटकों को कैंप से बाहर न निकलने देने, बचा हुआ खाना बाहर न फेंकने और रात को तेज आवाज में डीजे न बजाने के लिए निर्देशित किया गया है। उल्लंघन पर कार्रवाई भी की जाएगी। - मदन सिंह रावत, रेंजर, गौहरी रेंज
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