{"_id":"5c3f8e3cbdec2273367cfaf6","slug":"51547669052-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन विभाग की पांच बीघा जमीन पर अवैध कब्जा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वन विभाग की पांच बीघा जमीन पर अवैध कब्जा
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
भूमाफिया ने वन विभाग की करीब पांच बीघा जमीन पर गुपचुप कब्जा कर लिया है। हैरानी की बात है उक्त अवैध कब्जे वाली भूमि पर पक्का निर्माण भी करवा लिया गया, लेकिन वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है।
मामला वीरपुर खुर्द वन ब्लॉक का है। यहां रंभा नदी के तट से सटी हुई वन विभाग की करीब 701 हेक्टेयर भूमि है। फिलवक्त भूमाफिया की ओर से वन विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। वन विभाग ने यहां पर वन क्षेत्र के सौ मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण करने पर कानून जुर्म संबंधी बोर्ड लगाया है, लेकिन इसी निषिद्ध क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माणकर्ता ने तारबाड़ से हुए सीमांकन को खुर्दबुर्द कर दिया है। निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि रिसार्ट बनाया जा रहा है।
चालाकी तो की, लेकिन निशान छूट गए
भूमाफिया ने अफसरों की मिलीभगत से अवैध कब्जे कर निर्माण तो शुरू करा दिया, लेकिन अहम सुराग मिटाना भूल गया। मुख्य सड़क पर ही भारत सरकार का हिदायती बोर्ड लगाया गया है। इस पर साफ लिखा हुआ है कि सौ मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण करना कानूनन जुर्म है। उक्त जमीन वन विभाग की है। हालांकि जंगल के अंदर तारबाड़ से खींची गई सीमा रेखा तितरबितर कर दी गई है।
विज्ञापन
महीनों से हो रहा है निर्माण
वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से काफी बड़े स्तर पर निर्माण हो चुका है। कब्जा करने के लिए लंबाई में कई पक्के निर्माण करा दिए गए हैं।
---
अवैध कब्जे और निर्माण की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। वीरपुर खुर्द में सीमांकन किया गया था। यह मेरे कार्यकाल के पूर्व का मामला है। यदि अवैध कब्जा हुआ है तो बृहस्पतिवार को जाकर मौका मुआयना करुंगा और निर्माण निश्चित तौर पर ध्वस्त होगा।
-आरपीएस नेगी, वन क्षेत्राधिकारी, ऋषिकेश रेंज
विज्ञापन
भूमाफिया ने वन विभाग की करीब पांच बीघा जमीन पर गुपचुप कब्जा कर लिया है। हैरानी की बात है उक्त अवैध कब्जे वाली भूमि पर पक्का निर्माण भी करवा लिया गया, लेकिन वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है।
मामला वीरपुर खुर्द वन ब्लॉक का है। यहां रंभा नदी के तट से सटी हुई वन विभाग की करीब 701 हेक्टेयर भूमि है। फिलवक्त भूमाफिया की ओर से वन विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। वन विभाग ने यहां पर वन क्षेत्र के सौ मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण करने पर कानून जुर्म संबंधी बोर्ड लगाया है, लेकिन इसी निषिद्ध क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माणकर्ता ने तारबाड़ से हुए सीमांकन को खुर्दबुर्द कर दिया है। निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि रिसार्ट बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
चालाकी तो की, लेकिन निशान छूट गए
भूमाफिया ने अफसरों की मिलीभगत से अवैध कब्जे कर निर्माण तो शुरू करा दिया, लेकिन अहम सुराग मिटाना भूल गया। मुख्य सड़क पर ही भारत सरकार का हिदायती बोर्ड लगाया गया है। इस पर साफ लिखा हुआ है कि सौ मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण करना कानूनन जुर्म है। उक्त जमीन वन विभाग की है। हालांकि जंगल के अंदर तारबाड़ से खींची गई सीमा रेखा तितरबितर कर दी गई है।
विज्ञापन
महीनों से हो रहा है निर्माण
वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से काफी बड़े स्तर पर निर्माण हो चुका है। कब्जा करने के लिए लंबाई में कई पक्के निर्माण करा दिए गए हैं।
---
अवैध कब्जे और निर्माण की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। वीरपुर खुर्द में सीमांकन किया गया था। यह मेरे कार्यकाल के पूर्व का मामला है। यदि अवैध कब्जा हुआ है तो बृहस्पतिवार को जाकर मौका मुआयना करुंगा और निर्माण निश्चित तौर पर ध्वस्त होगा।
-आरपीएस नेगी, वन क्षेत्राधिकारी, ऋषिकेश रेंज