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ऋषिकेश: पॉलीटेक्निक संस्थान में अराजकतत्वों ने मचाया उत्पात
Fri, 19 Apr 2019 09:45 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2019 09:45 AM IST
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राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान में बुधवार को अराजकतत्वों ने करीब दर्जनभर पानी की टंकियां क्षतिग्रस्त कर दीं। इसके अलावा उपद्रवियों ने संस्थान के अनुदेशक आवास सहित प्रशासनिक भवन के कई दरवाजे उखाड़ दिए। संस्थान के प्राचार्य ने इसकी शिकायत पुलिस और विभागीय उच्चाधिकारियों से की है।
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खदरी गढ़ी श्यामपुर स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान में बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे पहुंचे कार्यशाला अनुदेशक एवं सुरक्षा प्रभारी कविराज सिंह ने देखा कि संस्थान के आवासीय परिसर के कई दरवाजों के ताले टूटे हैं। साथ ही दरवाजे तोड़ने का प्रयास किया गया था। संस्थान की छत पर रखी करीब दर्जनभर पानी की टंकियां भी क्षतिग्रस्त मिलीं। साथ ही पानी की पाइप लाइन भी टूटी हुई थी। ड्रेन वाटर पाइप उखाड़कर छत पर फेंका गया था। कविराज सिंह ने इसकी सूचना तुरंत संस्थान के प्राचार्य सुनील कुमार को दी। प्राचार्य इस प्रकरण से पुलिस को लिखित में अवगत करा दिया है। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा निदेशक को सूचना प्रेषित की गई है।
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सुरक्षा के नहीं हैं ठोस इंतजाम
बता दें, करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से तैनात संस्थान में एक डिस्पेंसरी, सभागार, गोष्ठी कक्ष, केंटीन हाल, प्राचार्य के पदेन आवास सहित 14 आवासीय भवन है। यहां बालिकाओं के लिए दो तथा बालकों के लिए एक छात्रावास की व्यवस्था है, जो वर्तमान में वीरान अवस्था में हैं। करीब 52 बीघा भूमि पर फैले संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर न माली, सुरक्षाकर्मी और न ही चतुर्थ श्रेणी का कोई कर्मचारी तैनात है। वर्ष 2009 से यह अस्तित्व में आया। वर्ष 2013 की आपदा के बाद बाढ़ से इस संस्थान को काफी नुकसान भी झेलना पड़ा है। यहां के स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से तटबंध की मांग भी कर चुके हैं। संस्थान प्रबंधन ने भी निदेशालय स्तर पर कई बार सुरक्षा इंतजामों की मांग की। इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन बुधवार रात अराजकतत्वों ने संस्थान में जमकर उत्पात मचाया और काफी नुकसान पहुंचाया।
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मैंने जब से संस्थान का पदभार संभाला है, तब यहां पीआरडी के सुरक्षाकर्मी तैनात थे। कुछ माह पूर्व शासनादेश जारी हुआ था कि कोई भी संस्थान बिना अनुमति के किसी भी संविदाकर्मी की नियुक्ति नहीं कर सकता। इसलिए सुरक्षा कर्मी हटा दिए गए। संस्थान की ओर से तकनीकी शिक्षा निदेशक को पत्राचार कर यहां की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अनुमति मांगी गई है। आज तक इस दिशा में कोई भी आदेश संस्थान को प्राप्त नहीं हुआ है।
- सुनील कुमार, प्राचार्य राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान खदरी गढ़ी श्यामपुर
पॉलीटेक्निक संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था शून्य है। पहले भी आशंका व्यक्त की गई थी कि सुरक्षाकर्मी तैनात न होने पर यहां कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। वातानुकुलित यूनिट सहित डीजल जेनरेटर सेट खुले में रखे हैं। शासन को यहां तत्काल सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था करनी चाहिए। उपेक्षा का आलम ये है कि परिसर में हरित पोषण के लिए रोपे गए पौधे भी पशुओं का निवाला बन चुके हैं।
- विनोद जुगलान विप्र, पर्यावरण संरक्षक, पॉलीटेक्निक संस्थान