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मुख्यमंत्री ने किया राजेश को सम्मानित
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विश्व सागर दिवस पर सयुंक्त राष्ट्र संघ में अपनी कला का प्रदर्शन कर राज्य और देश का नाम रोशन करने वाले राजेश चंद्र को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया। सीएम आवास पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर यह सम्मान प्राप्त किया।
राजेश चंद्र ने बताया कि वह आरएनआई इंटर कॉलेज में कला विषय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए एक कला प्रोजेक्ट किया।
जिसमें प्रदूषण के खिलाफ इस प्रोजेक्ट में बच्चों ने अपने आसपास के उन विषयों पर चित्रकारी की, जो आगे जाकर समुद्र में रहने वाले जीव जंतुओं के लिए जानलेवा सिद्ध हो रहे हैं। कई बच्चों ने कारखानों से निकल रहे विषैले रसायन तो कुछ ने घरेलू किचन वेस्ट को नदियों व सागर को प्रदूषित करने का चित्र बनाया।
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बच्चों की कला से प्रभावित होकर उन्होंने भी पेपर बोट नामक चित्र बनाया जो सागर दिवस की थीम का पुनरोद्धार पर बना। जिसमें ये दिखाया गया कि कागज की नाव और कागज के जहाज मिलकर एक कागज की ह्वेल मछली को जोड़ कर बचा रहे हैं। जिसका संदेश यह था कि बच्चों की मासूमियत ही इस संसार को बचा सकती है।
क्योंकि मानव अपने लालच में आज जंगलों से लेकर समुद्र तक तहस-नहस कर चुका है। शिक्षक के इस प्रोजेक्ट को सयुंक्त राष्ट्र के मुख्य कार्यक्रम में न्यूयॉर्क स्थित यूनाइटेड नेशन के मुख्यालय में दिखाया गया। साथ उनकी कला की सराहना कर इसे पोर्टल पर भी प्रदर्शित किया गया है। उत्तराखंड राज्य से इस पोर्टल पर होने वाले राजेश पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें लगातार तीन बार सराहना कर संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रदर्शित किया है। वह 2020 और 2021 में भी यूनाइटेड नेशन में प्रदर्शित होकर मुख्यमंत्री से सम्मानित हो चुके हैं।
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राजेश चंद्र ने बताया कि वह आरएनआई इंटर कॉलेज में कला विषय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए एक कला प्रोजेक्ट किया।
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जिसमें प्रदूषण के खिलाफ इस प्रोजेक्ट में बच्चों ने अपने आसपास के उन विषयों पर चित्रकारी की, जो आगे जाकर समुद्र में रहने वाले जीव जंतुओं के लिए जानलेवा सिद्ध हो रहे हैं। कई बच्चों ने कारखानों से निकल रहे विषैले रसायन तो कुछ ने घरेलू किचन वेस्ट को नदियों व सागर को प्रदूषित करने का चित्र बनाया।
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बच्चों की कला से प्रभावित होकर उन्होंने भी पेपर बोट नामक चित्र बनाया जो सागर दिवस की थीम का पुनरोद्धार पर बना। जिसमें ये दिखाया गया कि कागज की नाव और कागज के जहाज मिलकर एक कागज की ह्वेल मछली को जोड़ कर बचा रहे हैं। जिसका संदेश यह था कि बच्चों की मासूमियत ही इस संसार को बचा सकती है।
क्योंकि मानव अपने लालच में आज जंगलों से लेकर समुद्र तक तहस-नहस कर चुका है। शिक्षक के इस प्रोजेक्ट को सयुंक्त राष्ट्र के मुख्य कार्यक्रम में न्यूयॉर्क स्थित यूनाइटेड नेशन के मुख्यालय में दिखाया गया। साथ उनकी कला की सराहना कर इसे पोर्टल पर भी प्रदर्शित किया गया है। उत्तराखंड राज्य से इस पोर्टल पर होने वाले राजेश पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें लगातार तीन बार सराहना कर संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रदर्शित किया है। वह 2020 और 2021 में भी यूनाइटेड नेशन में प्रदर्शित होकर मुख्यमंत्री से सम्मानित हो चुके हैं।