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प्रशिक्षणर्थियों को दिया कठिन परिस्थितियों में बेहतर काम का प्रशिक्षण
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डोईवाल। बीएसएफ इंस्टीटयूट ऑफ एडवेंचर एवं एडवांस ट्रेनिंग के तत्वावधान में 221 प्रशिक्षु अधीनस्थ अधिकारी प्रशिक्षणार्थियों के साहसिक और जोखिम भरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। ग्रुप अ 111 और ग्रुप ब के 110 प्रशिक्षु अधीनस्थ अधिकारी प्रशिक्षणार्थी जिसमें पांच महिला अधीनस्थ अधिकारी का प्रशिक्षण संपन्न हो गया।
बीएसएफ संस्थान के कमांडेंट महेश कुमार नेगी ने बताया कि ग्रुप अ का प्रशिक्षण चार से नौ अक्तूबर और ग्रुप ब का 11 से 16 अक्तबूर तक चला। प्रशिक्षणार्थियों को बदलते परिवेश में कठिन परिस्थितियों का सामना करना आपदा और चुनौतियों का निपुणता से डटकर सामना करने के गुर सिखाए गए। इस दौरान उन्हें व्हाइट वाटर राफ्टिंग शिवपुरी, रिव क्रॉसिंग, ट्रेकिंग, रॉक क्लाइबिंग, कोनफिडेंस जंम, बॉडी सरफिंग और अन्य संबंधित विषयों पर बताया गया। उन्होंने बताया कि विभिन्न मुख्यालयों और बटालियनों से आए लगभग 5376 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को सरवाइकल और रेस्क्यू एंड एडवेंचर से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बताया गया कि संस्थान के अंतर्गत प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित शिक्षक एडवेंचर और रेस्कयू के गुर सिखाते हैं। कमांडेंट ने बताया कि बीएसएफ का यह संस्थान अपने आप में पहला स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट है जो बॉर्डर डोमिनेशन के एरिया स्पेसिफिक आस्पेक्टस को एडवेंचर ट्रेनिंग के माध्यम से प्रशिक्षित कर रहा है। इसके अलावा सशस्त्र बलों जैसे आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एसएसबी, आसम रायफल, एनटीआरओ के अलावा राज्य पुलिस के जवानों को भी एडवेंचर के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर रहा है। समापन पर द्वितीय कमान अधिकारी सुनील सोलंकी, उप कमांडेंट आरएन भाटी, उप कमांडेंट मनोज सुंद्रियाल, पीके जोशी, पवन सिंह पंवार, पुनीत तोमर डॉ. रजनीकांत सिंह आदि थे।
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बीएसएफ संस्थान के कमांडेंट महेश कुमार नेगी ने बताया कि ग्रुप अ का प्रशिक्षण चार से नौ अक्तूबर और ग्रुप ब का 11 से 16 अक्तबूर तक चला। प्रशिक्षणार्थियों को बदलते परिवेश में कठिन परिस्थितियों का सामना करना आपदा और चुनौतियों का निपुणता से डटकर सामना करने के गुर सिखाए गए। इस दौरान उन्हें व्हाइट वाटर राफ्टिंग शिवपुरी, रिव क्रॉसिंग, ट्रेकिंग, रॉक क्लाइबिंग, कोनफिडेंस जंम, बॉडी सरफिंग और अन्य संबंधित विषयों पर बताया गया। उन्होंने बताया कि विभिन्न मुख्यालयों और बटालियनों से आए लगभग 5376 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को सरवाइकल और रेस्क्यू एंड एडवेंचर से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बताया गया कि संस्थान के अंतर्गत प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित शिक्षक एडवेंचर और रेस्कयू के गुर सिखाते हैं। कमांडेंट ने बताया कि बीएसएफ का यह संस्थान अपने आप में पहला स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट है जो बॉर्डर डोमिनेशन के एरिया स्पेसिफिक आस्पेक्टस को एडवेंचर ट्रेनिंग के माध्यम से प्रशिक्षित कर रहा है। इसके अलावा सशस्त्र बलों जैसे आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एसएसबी, आसम रायफल, एनटीआरओ के अलावा राज्य पुलिस के जवानों को भी एडवेंचर के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर रहा है। समापन पर द्वितीय कमान अधिकारी सुनील सोलंकी, उप कमांडेंट आरएन भाटी, उप कमांडेंट मनोज सुंद्रियाल, पीके जोशी, पवन सिंह पंवार, पुनीत तोमर डॉ. रजनीकांत सिंह आदि थे।
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