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आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा पद्धति से जोड़ने के हो प्रयास - बालकृष्ण
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08 पतंजलि योगपीठ के महासचिव आचार्य बालकृष्ण से वार्ता करते स्वामी चिदानंद सरस्वती।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आधुनिक बीमारियों के उपचार में भी आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। आयुर्वेद प्राचीन भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के साथ ही ‘जीवन का समग्र विज्ञान’ भी है। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ जोड़ने का प्रयास करना होगा।
रविवार को आचार्य बालकृष्ण परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचे। आश्रम में ऋषिकुमारों और आचार्यों ने शंख ध्वनि से उनका स्वागत किया। इसके बाद आचार्य बालकृष्ण ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से भेंट की। दोनों के बीच आयुर्वेद के पुनर्जागरण विषय पर चर्चा हुई।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आचार्य बालकृष्ण से कहा कि हिमालय ऑक्सीजन के साथ ही जड़ी-बूटियों का भी केंद्र है। हिमालय की गोद में जड़ी-बूटियों का अपार भंडार है। इससे उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है। हमें अब औषधीयुक्त पौधों के रोपण पर जोर देना होगा ताकि स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के साथ ही आयुर्वेद का भी ज्ञान हो सके। चिदानंद सरस्वती ने विदाई के दौरान आचार्य बालकृष्ण को तुलसी का पौधा भेंट किया।
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रविवार को आचार्य बालकृष्ण परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचे। आश्रम में ऋषिकुमारों और आचार्यों ने शंख ध्वनि से उनका स्वागत किया। इसके बाद आचार्य बालकृष्ण ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से भेंट की। दोनों के बीच आयुर्वेद के पुनर्जागरण विषय पर चर्चा हुई।
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स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आचार्य बालकृष्ण से कहा कि हिमालय ऑक्सीजन के साथ ही जड़ी-बूटियों का भी केंद्र है। हिमालय की गोद में जड़ी-बूटियों का अपार भंडार है। इससे उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है। हमें अब औषधीयुक्त पौधों के रोपण पर जोर देना होगा ताकि स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के साथ ही आयुर्वेद का भी ज्ञान हो सके। चिदानंद सरस्वती ने विदाई के दौरान आचार्य बालकृष्ण को तुलसी का पौधा भेंट किया।
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