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मानव तस्करी रोकने के लिए सामूहिक जागरुकता की जरुरत: कुसुम कंडवाल
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उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि राज्य में यौन शोषण आदि के लिए होने वाली मानव तस्करी को रोकने के लिए सामूहिक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसके लिए समाज सेवी संस्थाओं को आगे आना होगा। लोगों को भी जागरूक होना होगा।
नगर निगम के सभागार में मानव तस्करी रोकने को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी से पुलिस के साथ विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि मानव तस्करी के पीछे पलायन, रोजगार भी सबसे बड़ी समस्या है। राज्य में संचालित स्पा सेंटरों में मानव तस्करी के कई केस पाए गए हैं। यहां दूसरे राज्यों से युवतियों को लाया गया था। इसे रोकने के लिए जल्द ही राज्य के स्पा सेंटरों के लिए गाइड लाइन जारी की जाएगी।
ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि यौन शोषण के लिए महिलाओं की तस्करी हो रही है। मानव तस्करी को रोकने के लिए प्रीवेंशन मॉडयूल बेहद कारगर सिद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी रोकने के लिए माता पिता को भी जागरूक होना होगा। कई बार कुछ बिचौलियों माता पिता को प्रलोभन देकर उनके बच्चों के लिए जाते हैं। जो मानव तस्करी का शिकार हो जाते हैं।
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कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी प्रवीण सिंह, नगर आयुक्त राहुल कुमार गोयल, राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन उत्तराखंड प्रबंधक सरोज ध्यानी, एसआई रतनवीर मीणा, गायत्री देवी, माया नेगी, रश्मि आदि मौजूद थे।
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नगर निगम के सभागार में मानव तस्करी रोकने को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी से पुलिस के साथ विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि मानव तस्करी के पीछे पलायन, रोजगार भी सबसे बड़ी समस्या है। राज्य में संचालित स्पा सेंटरों में मानव तस्करी के कई केस पाए गए हैं। यहां दूसरे राज्यों से युवतियों को लाया गया था। इसे रोकने के लिए जल्द ही राज्य के स्पा सेंटरों के लिए गाइड लाइन जारी की जाएगी।
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ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि यौन शोषण के लिए महिलाओं की तस्करी हो रही है। मानव तस्करी को रोकने के लिए प्रीवेंशन मॉडयूल बेहद कारगर सिद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी रोकने के लिए माता पिता को भी जागरूक होना होगा। कई बार कुछ बिचौलियों माता पिता को प्रलोभन देकर उनके बच्चों के लिए जाते हैं। जो मानव तस्करी का शिकार हो जाते हैं।
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कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी प्रवीण सिंह, नगर आयुक्त राहुल कुमार गोयल, राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन उत्तराखंड प्रबंधक सरोज ध्यानी, एसआई रतनवीर मीणा, गायत्री देवी, माया नेगी, रश्मि आदि मौजूद थे।