{"_id":"c50bec805159024676c4686f6cc77fca","slug":"attack-on-two-ox-by-cherge-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चरख ने दो बैलों को बनाया निवाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चरख ने दो बैलों को बनाया निवाला
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
Updated Sun, 03 Jan 2016 01:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमकेश्वर प्रखंड के ग्राम सभा पंबा में शुक्रवार की रात चरख नामक जंगली जानवर ने गौशाला में बंधे दो बैलों को निवाला बना लिया। शनिवार सुबह गौ पशुपालक जैसे ही गौशाला में गए उनके होश उड़ गए। गौशाला का दरवाजा और चाहरदिवारी टूटी हुई मिली। सामने एक बैल मृत और दूसरा अचेतावस्था में तड़प रहा था।
विज्ञापन
आनन- फानन में उन्होंने इसकी सूचना लालढांग रेंज अधिकारी को दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच पड़ताल कर पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देने की घोषणा की है। पंबा निवासी पीड़ित मनोहर सिंह राणा पुत्र ज्ञान सिंह राणा ने बताया कि रोज की तरह रात के समय उन्होंने दोनों बैलों को गौशाला में बांध दिया था।
विज्ञापन
शनिवार सुबह जैसे ही गौशाला में गए तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने बताया कि एक बैल को पीछे की ओर से किसी अज्ञात जानवर ने बुरी तरह खाया हुआ था। जबकि, दूसरा बैल अचेतावस्था में था। कुछ ही घंटों बाद उसने भी दम तोड़ दिया। मौके पर पहुंची वन विभाग टीम वन आरक्षी चंद्रमोहन नेगी, प्रेम सिंह नेगी, राजगोपाल अरोड़ा और वन दोरागा गेंदनलाल ने घटनास्थल की जांच की।
विज्ञापन
वन दारोगा ने बताया कि जानवरों की मौत गुलदार के हमले से नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बैलों की मौत चरख नामक जानवर ने की है। उन्होंने बताया कि लालढांग रेंज में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। उधर, आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रहे इस तरह की घटनाओं से परेशान होकर स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्रों में गश्त लगाने की मांग की है। लालढांग वनदरोगा गेंदलाल ने बताया कि पीड़ित परिवार को दो बैलों की मौत पर करीब 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
लकड़बग्घे की प्रजाति का होता है चरख
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन के गौहरी रेंज अधिकारी आरएम नौटियाल और नरेंद्रनगर मुनिकीरेती शिवपुरी रेंज अधिकारी बीएल टम्टा के अनुसार चरख, लकड़बग्घे की प्रजाति का ही जानवर होता है। जब इस जानवर में रेबीज के कीटाणु प्रवेश करते हैं तो यह पागल हो जाता है और तब यह मवेशियों को अपना निवाला बनाता है। उन्होंने बताया कि यह एक खतरनाक जानवर होता है। जो पागल होने के बाद मवेशियों का शिकार करता है।