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एएचआईएमएस: मबीबीएस की सीटें 150 से बढ़कर 250 हुईं
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प्रदेश के छात्र-छात्राओं के लिए 250 में से 75 सीटें रहेंगी आरक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
जौलीग्रांट। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की स्वीकृति के बाद हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एचआईएमएस), जौलीग्रांट की एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़कर 250 हो गई हैं। इस उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय परिसर में केक कटिंग समारोह आयोजित किया गया।
एसआरएचयू अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि एमबीबीएस सीटों बढ़ने से उत्तराखंड सहित देशभर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही भविष्य में प्रदेश और देश को अधिक संख्या में दक्ष और प्रशिक्षित चिकित्सक मिलेंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
कहा कि एनएमसी की स्वीकृति के बाद एचआईएमएस, जौलीग्रांट की 250 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा ( नीट यूजी) की केंद्रीय और राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से किए जाएंगे। उत्तराखंड के स्थायी निवासी छात्र-छात्राओं के लिए 250 में से 75 सीटें आरक्षित रहेंगी।
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धस्माणा ने कहा कि पर्याप्त क्लीनिकल मैटीरियल, अनुभवी फैकल्टी, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, आधुनिक अनुसंधान सुविधाएं, समृद्ध लाइब्रेरी तथा उच्च स्तरीय क्लिनिकल प्रशिक्षण के आधार पर एचआईएमएस ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के व्यापक मूल्यांकन में सभी आवश्यक मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। जिसके बाद सीटें बढ़ाने की मंजूरी मिली है।
वर्तमान में संस्थान में 250 एमबीबीएस सीटों के अलावा 131 स्नातकोत्तर (पीजी) तथा 23 सुपर स्पेशियलिटी सीटें उपलब्ध हैं। कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, डॉ. विजेंद्र चौहान, डीन डॉ.शरीफ, डॉ. रेनू धस्माना, डॉ. अशोक देवराड़ी आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जौलीग्रांट। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की स्वीकृति के बाद हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एचआईएमएस), जौलीग्रांट की एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़कर 250 हो गई हैं। इस उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय परिसर में केक कटिंग समारोह आयोजित किया गया।
एसआरएचयू अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि एमबीबीएस सीटों बढ़ने से उत्तराखंड सहित देशभर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही भविष्य में प्रदेश और देश को अधिक संख्या में दक्ष और प्रशिक्षित चिकित्सक मिलेंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
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कहा कि एनएमसी की स्वीकृति के बाद एचआईएमएस, जौलीग्रांट की 250 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा ( नीट यूजी) की केंद्रीय और राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से किए जाएंगे। उत्तराखंड के स्थायी निवासी छात्र-छात्राओं के लिए 250 में से 75 सीटें आरक्षित रहेंगी।
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धस्माणा ने कहा कि पर्याप्त क्लीनिकल मैटीरियल, अनुभवी फैकल्टी, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, आधुनिक अनुसंधान सुविधाएं, समृद्ध लाइब्रेरी तथा उच्च स्तरीय क्लिनिकल प्रशिक्षण के आधार पर एचआईएमएस ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के व्यापक मूल्यांकन में सभी आवश्यक मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। जिसके बाद सीटें बढ़ाने की मंजूरी मिली है।
वर्तमान में संस्थान में 250 एमबीबीएस सीटों के अलावा 131 स्नातकोत्तर (पीजी) तथा 23 सुपर स्पेशियलिटी सीटें उपलब्ध हैं। कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, डॉ. विजेंद्र चौहान, डीन डॉ.शरीफ, डॉ. रेनू धस्माना, डॉ. अशोक देवराड़ी आदि उपस्थित रहे।