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तीमारदारों के लिए वरदान साबित हो रहा गुरु का लंगर

Sun, 26 Jan 2020 02:12 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jan 2020 02:12 AM IST
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AIIMS: Guru's anchor is proving to be renewable for the timed
एम्स परिसर में गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब की ओर से लगाए गए लंगर में प्रसाद चखते तीमारदार व अन? - फोटो : RISHIKESH
एक ओर जहां लोगों को रुपये खर्च करने के बाद भी पौष्टिक भोजन नसीब नहीं होता। वहीं, एम्स में आने वाले तीमारदारों के लिए गुरु का लंगर ‘अक्षयपात्र’ साबित हो रहा है। गुरु लंगर का लाभ न सिर्फ तीमारदार उठा रहे हैं बल्कि अस्पताल का स्टाफ, मेडिकल छात्र, ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी मिल रहा है। यहां तीनों वक्त के आहार को मिलाकर प्रतिदिन पांच हजार लोग पौष्टिक भोजन पा रहे हैं।
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बीते वर्ष गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित हुआ था। गुरुद्वारे के उपाध्यक्ष व अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा और एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत के बीच तीमारदारों के लिए भोजन की व्यवस्था को लेकर वार्ता हुई। इस पर गुरुद्वारा ट्रस्ट की ओर से उपाध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा ने एम्स परिसर में गुरु का लंगर लगाने के लिए कहा। इस पर निदेशक ने अपनी सहमति दी। इसके बाद पहली बार 26 जनवरी 2019 से इस पुनीत कार्य की शुरूआत हुई। ट्रस्ट के मैनेजर दर्शन सिंह ने बताया कि शुरूआत के दो माह तक दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद सुबह के नाश्ते की शुरूआत की गई और आमद को देखते हुए रात्रि का भोजन भी गुरुद्वारा ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराया जाने लगा।
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उन्होंने बताया कि प्रतिदिन पांच हजार लोग गुरु के लंगर का लाभ उठा रहे है। सालभर में गुरुद्वारा ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे लंगर का खर्च करीब सवा करोड़ रुपये है। बताया कि गुरु का लंगर चलाने में लोगों का सहयोग भी मिल रहा है। प्रतिदिन 12 सेवादार इसी कार्य को देखते है।
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लंगर का यह है मेन्यू
चिकित्सक मरीजों को पौष्टिक आहार के रूप में दूध पीने की सलाह देते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सुबह सात बजे दूध का दलिया दिया जाता है। इसके बाद दोपहर एक से ढाई बजे तक लंगर में दाल, सब्जी और प्रसादा दिया जाता है। इसके बाद शाम को मूंग दाल की खिचड़ी दी जाती है। गुरुद्वारा ट्रस्ट मैनेजर दर्शन सिंह ने बताया कि प्रतिदिन आठ हजार प्रसादा दोपहर में लग जाता है।

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चीन से मंगवाए हैं 21 कंटेनर
गुरुद्वारा ट्रस्ट मैनेजर ने बताया कि गुरु लंगर गुरुद्वारा परिसर में ही बनाया जाता है। इसके बाद इसे गाड़ी से एम्स परिसर पहुंचाया जाता है। गुरुद्वारे से एम्स तक लंगर ठंडा न हो। इसके लिए चीन से 21 कंटेनर मंगवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह कंटेनर आठ घंटे तक भोजन गर्म रखते हैं।
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