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कोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग ने की भूमि की पैमाइश , छोड़ा कब्जा

Sun, 29 Dec 2019 01:36 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2019 01:36 AM IST
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After the court order, the forest department measured the land, left it occupied
कोर्ट के आदेश के बाद पैमाइश करती वन विभाग, प्रशासन और लोनिवि की टीम। - फोटो : RISHIKESH
तीर्थनगरी के नटराज चौक के समीप करीब 150 गज भूमि पर मालिकाना हक के मामले में कोर्ट से फैसला आने के बाद वन विभाग की टीम ने लोनिवि और स्थानीय प्रशासन के साथ पैमाइश की। पैमाइश के बाद वन विभाग ने जमीन को कब्जामुक्त कर दिया।
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बता दें कि नटराज चौक पर करीब (एसीजेएम) 150 गज भूमि पर मालिकाना हक को लेकर प्रेम चंद्र सिंघल पुत्र रामदास सिंघल निवासी 27 बंगाली मंदिर रोड ऋषिकेश ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया था। दायर वाद में उन्होंने उक्त भूमि पर अपना हक जताया था। उन्होंने वाद में यह भी कहा था कि उक्त भूमि पर वन विभाग ने कब्जा किया हुआ है। मामले में एसीजेएम कोर्ट ने चार नवंबर को पीसी सिंघल के पक्ष में फैसला सुनाया। आदेश में कोर्ट ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के साथ वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से सड़क के सेंटर से 50 मीटर की नपाई करे। कोर्ट ने कहा कि 50 मीटर तक लोक निर्माण विभाग की संपत्ति है, इसके बाद पीसी सिंघल की 150 गज की संपत्ति है।
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शनिवार को वन विभाग के एसडीओ नरेन्द्र नगर डीपी बलोनी, रेंजर स्पर्श काला, वन दरोगा कमल सिंह, अखिलेश संजय, तहसीलदार रेखा आर्य, नायब तहसीलदार करण सिंह, पटवारी सतीश जोशी, लोनिवि जेई यूके गोयल, विनोद भारती, अमीन सरदार सिंह जेठुरी ने उक्त भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीओ नरेन्द्रनगर डीपी बलोनी ने बताया कि सड़क के सेंटर से नपाई पर उक्त संपत्ति को कब्जा मुक्त किया गया। इसकी रिपोर्ट कोर्ट को भेजी जाएगी।
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वर्तमान में वन विभाग के स्टाफ का है आशियाना
एसडीओ नरेन्द्र नगर डीपी बलोनी ने बताया कि वर्ष 1984 में उक्त संपत्ति पर वन विभाग की निकासी चौकी थी। इस पर पीसी सिंघल ने क्लेम किया। इसका निर्णय चार नवंबर को न्यायालय ने पीसी सिंघल के पक्ष में सुनाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उक्त संपत्ति पर बने कमरे पर वन विभाग का स्टाफ निवास कर रहा है, जिसे खाली करने को कहा गया है।
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