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Rishikesh News: मौसम की मार से फसलों पर संकट, हवाओं से गिरी धान और गन्ने की फसल
Fri, 09 Oct 2026 06:10 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 09 Oct 2026 06:10 PM IST
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डोईवाला। अक्तूबर माह में हो रही बारिश किसानों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। खेतों में धान की फसल पककर तैयार है और कई क्षेत्रों में कटाई भी शुरू हो गई है। ऐसे समय में बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
बारिश और तेज हवाएं क्षेत्र की फसलों को नुकसान पहुंचा रही हैं। ऐसे में धान और गन्ने की फसल गिरना शुरू हो गई है। बता दें कि डोईवाला क्षेत्र में करीब 1000-1200 हेक्टेयर भूमि पर धान की बुवाई की जाती है। इन दिनों अधिकांश खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो गई है। किसान फसलों की कटाई में भी जुट गए है लेकिन लगातार बदलते मौसम ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुरुआती दौर में धान की बुवाई करने वाले किसानों के सामने कटाई और फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसल गिरने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने और उत्पादन में कमी आने की आंशका है। किसान उमेद वोरा ने बताया कि फसल गिरने के बाद खेतों में नमी बढ़ने से चूहों और अन्य कीटों का प्रकोप भी बढ़ सकता है। किसान रणजोध सिंह ने बताया कि तेज हवाओं का कहर गन्ने की फसल पर पड़ रहा है। गन्ना भी लगातार गिरने लगा है। कृषि विशेषज्ञ डीएस असवाल ने बताया कि अक्तूबर माह में हो रही बारिश फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। बारिश और तेज हवाएं खेतों में खड़ी फसल को गिराने का काम कर रही है। इससके किसानों को क्षति पहुंच सकती है।
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बारिश और तेज हवाएं क्षेत्र की फसलों को नुकसान पहुंचा रही हैं। ऐसे में धान और गन्ने की फसल गिरना शुरू हो गई है। बता दें कि डोईवाला क्षेत्र में करीब 1000-1200 हेक्टेयर भूमि पर धान की बुवाई की जाती है। इन दिनों अधिकांश खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो गई है। किसान फसलों की कटाई में भी जुट गए है लेकिन लगातार बदलते मौसम ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुरुआती दौर में धान की बुवाई करने वाले किसानों के सामने कटाई और फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसल गिरने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने और उत्पादन में कमी आने की आंशका है। किसान उमेद वोरा ने बताया कि फसल गिरने के बाद खेतों में नमी बढ़ने से चूहों और अन्य कीटों का प्रकोप भी बढ़ सकता है। किसान रणजोध सिंह ने बताया कि तेज हवाओं का कहर गन्ने की फसल पर पड़ रहा है। गन्ना भी लगातार गिरने लगा है। कृषि विशेषज्ञ डीएस असवाल ने बताया कि अक्तूबर माह में हो रही बारिश फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। बारिश और तेज हवाएं खेतों में खड़ी फसल को गिराने का काम कर रही है। इससके किसानों को क्षति पहुंच सकती है।
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