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शीशमझाड़ी में संक्रमित आने के बाद प्रशासन अलर्ट
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0मुनिकीरेती स्थित शीशमझाड़ी में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद क्षेत्र का दौरा करते जिलाधिकारी ?
- फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। शीशमझाड़ी में बृहस्पतिवार को एक साथ 32 लोगों के कोविड पॉजिटिव आने के बाद शासन-प्रशासन अलर्ट हो गया है। शुक्रवार को आनन-फानन में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में विभागीय अधिकारियों और पुलिस बल ने मुनिकीरेती स्थित शीशमझाड़ी क्षेत्र का दौरा किया। लोगों से घरों में रहने की अपील के साथ प्रशासन को सहयोग देने की अपील की गई। इसके तुरंत बाद डीएम ने नगर पालिका के हॉल में बैठक कर विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
शुक्रवार को जिलाधिकारी मंगेश घिल्ड़ियाल दल-बल के साथ टिहरी जिले के सर्वाधिक कोरोना प्रभावित इलाके मुनिकीरेती स्थित शीशमझाड़ी क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने यहां गाड़ी से उतरकर पैदल ही एक-एक गली छानी और कंटेन्मेंट जोन बनाई गई गलियों को भी देखा। क्षेत्र के लोगों से बातचीत की और उन्हें घरों में रहने की हिदायत दी। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम और अन्य विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, सैनिटाइजेशन और खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन गलियों में सर्वाधिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, केवल उन्हें को कंटेन्मेंट जॉन में तब्दील किया जाए। बाकी इलाके को सीलबंद न करते हुए जरूरी एहतियात कदम उठाए जाएं। लोगों से अपील की गई कि वे जरूरी काम पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलें, एक घर एक ही व्यक्ति घर का जरूरी सामान लेने के लिए निकले। इस दौरान मौके पर मौजूद एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने पुलिस अधिकारियों क्षेत्र में कुछ अन्य स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाने और कुछ और गलियों को बंद करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने नगर पालिका स्थित हॉल में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की बैठक में जरूरी दिशा निर्देश जारी किए। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष ढालवाला, मुनिकीरेती रोशन रतूड़ी, एसएसपी टिहरी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी युक्ता मिश्रा, एडिशनल एसपी उत्तम सिंह नेगी, एडिशनल सीएमओ डॉ. लोकेंद्र दत्त सेमवाल, तहसीलदार हरिहर उनियाल, डॉ. जगदीश जोशी, डॉ. अमित राय, डॉ. नीरज राय, डॉ. गुप्ता, डॉ. अनिल नेगी, सीओ प्रमोद कुमार शाह, थाना प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी, उपनिरिक्षक विकेंद्र कुमार, सभासद धर्म सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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बैठक में उठा अज्ञात व्यक्ति की मौत का मामला
तीन दिन पहले अस्वस्थ हालत में मिले अज्ञात व्यक्ति को इलाज ने मिल पाने और उसके बाद मौत हो जाने का मामला पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बैठक में उठाया। उन्होंने कहा कि दो तीर्थनगरी के मरीज दो जिलों के बीच में पिस रहे हैं। देहरादून वाले टिहरी के मरीजों को लेने से अक्सर मना कर देते हैं। जबकि मुनिकीरेती क्षेत्र में कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। उन्होंने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए तीन दिन पहले ऐसे ही एक मामले में अस्पताल ले जाते समय हुई अज्ञात व्यक्ति की मौत का मामला उठाते हुए डीएम टिहरी से जांच की मांग और भविष्य में व्यवस्था बनाने की मांग की। इस पर डीएम घिल्डियाल ने बताया कि वे इस मामले में शासन स्तर पर बातचीत करेंगे। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएम ने कहा कि अज्ञात व्यक्ति की मौत के मामले में शासन ने भी संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने भी इस मामले जांच के आदेश किए हैं। उन्होंने भी अपने स्तर पर इस मामले की जांच सीएमओ डॉ. सुमन आर्य को सौंपी है। जांच के बाद इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्सा नहीं जाएगा।
बुखार की दवा बिना डॉक्टर की सला के नहीं दे पाएंगे केमिस्ट
बैठक में डीएम और एसएसपी ने एक स्वर में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र के सभी दवा विक्रेताओं और प्राइवेट प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों की लिस्ट तैयार करें। यदि कोई दवा विक्रेता बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी को बुखार, खांसी की दवा देता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाए।
फ्रंट लाइन में काम कर रहे वॉरियर की चिंता
डीएम मंगेश घिल्डियाल ने फ्रंट लाइन में काम कर रहे चिकित्सकीय टीम, पुलिस, पत्रकार और अन्य अधिकारियों कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रसासनिक व्यवस्था को चलाने वाले महत्वपूर्ण अंग हैं। सभी को फिल्ड में काम करते अपनी सुरक्षा का भी खयाल रखना है। दूसरे लोग संक्रमित होते हैं तो उन्हें प्रशासनिक अमला संभाल लेगा। लेकिन, यदि पुलिस या प्रशासन के लोग संक्रमित होते हैं तो इससे सारी व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी।
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आयुर्वेदिक अस्पताल को एलोपैथक अस्पताल बनाने की मांग
बैठक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जगदीश जोशी ने अवगत कराया कि मुनिकीरेेती क्षेत्र में दो-दो आर्युवेदिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जबकि क्षेत्र में एक भी बड़ा एलोपैथिक अस्पताल नहीं है। उन्होंने राय दी की इसमें से एक अस्पताल को एलोपैथिक अस्पताल में बदला जा सकता है। इससे मरीजों के इलाज में बहुत आसानी होगी। इस पर डीएम ने एडीशनल सीएमओ को इस संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
देर शाम तक पांच पॉजिटिव केस और आए सामने
शीशमझाड़ी क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम तक पांच और लोगों की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। इस तरह अभी तक क्षेत्र में कुल 37 केस सामने आ चुके हैं। क्षेत्र की आबादी आठ से दस हजार के आसपास है। यहां अधिकतर स्लम आबादी निवास करती है। ऐसे में क्षेत्र में अत्यधिक संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। यहां लगातार रेंडम सैंपलिंग की जा रही है। अभी भी पांच सौ से अधिक लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- शीशमझाड़ी से लगते आस्थापथ को बंद कर दिया गया है। यहां सुबह और शाम की सैर पर रोक लगा दी गई है।
- जो कोई व्यक्ति बिना मास्क के घूमते पाया गया, उसका चालन किया जाएगा।
- पटवारी भी कर सकेंगे चालान।
- संक्रमण को फैलाने में कारक बनने वाले व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 में दर्ज किया जाएगा मुकदमा।
- तीर्थ क्षेत्र में ठहरने वाले पर्यटकों का किया जाएगा रैपिड एंटीजन टेस्ट।
- जिले की सीमाओं पर बढ़ाई जाएगी चेकिंग।
- कंट्रोल रूम में सैंपलिंग टीम की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समन्वय बनाकर करेंगे काम।
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शुक्रवार को जिलाधिकारी मंगेश घिल्ड़ियाल दल-बल के साथ टिहरी जिले के सर्वाधिक कोरोना प्रभावित इलाके मुनिकीरेती स्थित शीशमझाड़ी क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने यहां गाड़ी से उतरकर पैदल ही एक-एक गली छानी और कंटेन्मेंट जोन बनाई गई गलियों को भी देखा। क्षेत्र के लोगों से बातचीत की और उन्हें घरों में रहने की हिदायत दी। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम और अन्य विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, सैनिटाइजेशन और खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन गलियों में सर्वाधिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, केवल उन्हें को कंटेन्मेंट जॉन में तब्दील किया जाए। बाकी इलाके को सीलबंद न करते हुए जरूरी एहतियात कदम उठाए जाएं। लोगों से अपील की गई कि वे जरूरी काम पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलें, एक घर एक ही व्यक्ति घर का जरूरी सामान लेने के लिए निकले। इस दौरान मौके पर मौजूद एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने पुलिस अधिकारियों क्षेत्र में कुछ अन्य स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाने और कुछ और गलियों को बंद करने के निर्देश दिए।
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इसके बाद जिलाधिकारी ने नगर पालिका स्थित हॉल में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की बैठक में जरूरी दिशा निर्देश जारी किए। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष ढालवाला, मुनिकीरेती रोशन रतूड़ी, एसएसपी टिहरी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी युक्ता मिश्रा, एडिशनल एसपी उत्तम सिंह नेगी, एडिशनल सीएमओ डॉ. लोकेंद्र दत्त सेमवाल, तहसीलदार हरिहर उनियाल, डॉ. जगदीश जोशी, डॉ. अमित राय, डॉ. नीरज राय, डॉ. गुप्ता, डॉ. अनिल नेगी, सीओ प्रमोद कुमार शाह, थाना प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी, उपनिरिक्षक विकेंद्र कुमार, सभासद धर्म सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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बैठक में उठा अज्ञात व्यक्ति की मौत का मामला
तीन दिन पहले अस्वस्थ हालत में मिले अज्ञात व्यक्ति को इलाज ने मिल पाने और उसके बाद मौत हो जाने का मामला पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बैठक में उठाया। उन्होंने कहा कि दो तीर्थनगरी के मरीज दो जिलों के बीच में पिस रहे हैं। देहरादून वाले टिहरी के मरीजों को लेने से अक्सर मना कर देते हैं। जबकि मुनिकीरेती क्षेत्र में कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। उन्होंने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए तीन दिन पहले ऐसे ही एक मामले में अस्पताल ले जाते समय हुई अज्ञात व्यक्ति की मौत का मामला उठाते हुए डीएम टिहरी से जांच की मांग और भविष्य में व्यवस्था बनाने की मांग की। इस पर डीएम घिल्डियाल ने बताया कि वे इस मामले में शासन स्तर पर बातचीत करेंगे। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएम ने कहा कि अज्ञात व्यक्ति की मौत के मामले में शासन ने भी संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने भी इस मामले जांच के आदेश किए हैं। उन्होंने भी अपने स्तर पर इस मामले की जांच सीएमओ डॉ. सुमन आर्य को सौंपी है। जांच के बाद इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्सा नहीं जाएगा।
बुखार की दवा बिना डॉक्टर की सला के नहीं दे पाएंगे केमिस्ट
बैठक में डीएम और एसएसपी ने एक स्वर में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र के सभी दवा विक्रेताओं और प्राइवेट प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों की लिस्ट तैयार करें। यदि कोई दवा विक्रेता बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी को बुखार, खांसी की दवा देता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाए।
फ्रंट लाइन में काम कर रहे वॉरियर की चिंता
डीएम मंगेश घिल्डियाल ने फ्रंट लाइन में काम कर रहे चिकित्सकीय टीम, पुलिस, पत्रकार और अन्य अधिकारियों कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रसासनिक व्यवस्था को चलाने वाले महत्वपूर्ण अंग हैं। सभी को फिल्ड में काम करते अपनी सुरक्षा का भी खयाल रखना है। दूसरे लोग संक्रमित होते हैं तो उन्हें प्रशासनिक अमला संभाल लेगा। लेकिन, यदि पुलिस या प्रशासन के लोग संक्रमित होते हैं तो इससे सारी व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी।
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आयुर्वेदिक अस्पताल को एलोपैथक अस्पताल बनाने की मांग
बैठक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जगदीश जोशी ने अवगत कराया कि मुनिकीरेेती क्षेत्र में दो-दो आर्युवेदिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जबकि क्षेत्र में एक भी बड़ा एलोपैथिक अस्पताल नहीं है। उन्होंने राय दी की इसमें से एक अस्पताल को एलोपैथिक अस्पताल में बदला जा सकता है। इससे मरीजों के इलाज में बहुत आसानी होगी। इस पर डीएम ने एडीशनल सीएमओ को इस संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
देर शाम तक पांच पॉजिटिव केस और आए सामने
शीशमझाड़ी क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम तक पांच और लोगों की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। इस तरह अभी तक क्षेत्र में कुल 37 केस सामने आ चुके हैं। क्षेत्र की आबादी आठ से दस हजार के आसपास है। यहां अधिकतर स्लम आबादी निवास करती है। ऐसे में क्षेत्र में अत्यधिक संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। यहां लगातार रेंडम सैंपलिंग की जा रही है। अभी भी पांच सौ से अधिक लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- शीशमझाड़ी से लगते आस्थापथ को बंद कर दिया गया है। यहां सुबह और शाम की सैर पर रोक लगा दी गई है।
- जो कोई व्यक्ति बिना मास्क के घूमते पाया गया, उसका चालन किया जाएगा।
- पटवारी भी कर सकेंगे चालान।
- संक्रमण को फैलाने में कारक बनने वाले व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 में दर्ज किया जाएगा मुकदमा।
- तीर्थ क्षेत्र में ठहरने वाले पर्यटकों का किया जाएगा रैपिड एंटीजन टेस्ट।
- जिले की सीमाओं पर बढ़ाई जाएगी चेकिंग।
- कंट्रोल रूम में सैंपलिंग टीम की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समन्वय बनाकर करेंगे काम।

मुनिकीरेती स्थित नगर पालिका हॉल में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेते जिलाधिकारी मंगेश घिल्डिया?- फोटो : RISHIKESH